
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुजफ्फरपुर की रैली में महागठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने जनता से अपील की कि वे किसी व्यक्ति विशेष को विधायक या मंत्री बनाने के लिए नहीं, बल्कि बिहार को जंगलराज से बचाने के लिए वोट दें। अमित शाह ने कहा कि लालू–राबड़ी के शासन में बिहार का जो पतन हुआ, वही जंगलराज अब नया चेहरा और नया भेष बदलकर लौटने की कोशिश में है। उन्होंने दावा किया कि अगर मुजफ्फरपुर के लोग एनडीए को जिताने का फैसला कर लें, तो जंगलराज को बिहार में कोई नहीं ला सकता।
शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी को विकास की गारंटी बताया। उन्होंने कहा कि बिहार को जंगलराज से निकालकर विकास की राह पर लाने का काम मोदी–नीतीश ने किया है। मुजफ्फरपुर की लीची आज मोदी जी के शासन में दुनिया भर में अपनी मिठास बांट रही है। उन्होंने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में लीची और उसके जूस पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% कर दिया है, जिससे लीची किसानों को सीधा फायदा होगा।
वंशवाद पर निशाना साधते हुए अमित शाह ने कहा कि लालू जी और सोनिया जी दोनों को देश की नहीं, अपने परिवार की चिंता है। लालू चाहते हैं उनका बेटा सीएम बने, सोनिया चाहती हैं उनका बेटा पीएम बने। लेकिन बिहार में नीतीश बाबू हैं और दिल्ली में मोदी जी, इसलिए न तेजस्वी सीएम बन सकते हैं, न राहुल पीएम।
शाह ने एनडीए के घोषणा पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि गठबंधन की सरकार आने पर बिहार के 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी दी जाएगी। हर जिले में मेगा स्किल सेंटर बनाया जाएगा ताकि युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार मिल सके। उन्होंने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि पीएम किसान योजना के तहत मोदी सरकार की 6,000 रुपए की राशि में बिहार सरकार 3,000 रुपए और जोड़ेगी। यानी किसानों को अब सालाना 9,000 रुपए मिलेंगे। साथ ही 50 लाख गरीबों के पक्के मकान और केजी से पीजी तक मुफ्त शिक्षा देने का भी वादा किया।
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