
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए कल यानी 6 नवंबर को 121 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस चरण में राज्य की राजनीति के कई दिग्गज नेताओं की साख दांव पर है। महागठबंधन की ओर से सीएम फेस के दावेदार और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा के साथ ही सरकार के 14 मंत्री मैदान में हैं। यही नहीं, इस चरण में तीन दलों के प्रदेश अध्यक्षों, कई पूर्व मंत्रियों और चर्चित चेहरों की किस्मत का भी फैसला होगा।
पहले चरण में मतदान मधेपुरा, सहरसा, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, पटना, भोजपुर और बक्सर की 121 सीटों पर होगा। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी तारापुर, विजय सिन्हा लखीसराय, जबकि तेजस्वी यादव राघोपुर से चुनाव मैदान में हैं। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय सीवान, जल संसाधन मंत्री विजय चौधरी सरायरंजन और नगर विकास मंत्री जिवेश कुमार जाले से चुनाव लड़ रहे हैं। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भोरे, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन बांकीपुर, और ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार नालंदा से मैदान में हैं।
इस चरण में सत्ताधारी और विपक्षी दोनों गठबंधनों के लिए परीक्षा की घड़ी है। महनार से जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा, पारू से रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष मदन चौधरी और सहरसा से आईआईपी के अध्यक्ष इंद्रजीत प्रसाद गुप्ता भी अपनी साख बचाने में जुटे हैं। वहीं, सरकार में शामिल रहे कई पूर्व मंत्री आलोक रंजन झा, ललित यादव, इसरायल मंसूरी, आलोक मेहता, रेणु देवी, प्रो. चंद्रशेखर, श्याम रजक, हरिनारायण सिंह, रामानंद यादव, श्रीभगवान सिंह कुशवाहा, संतोष निराला और राघवेन्द्र प्रताप सिंह भी इस चरण में किस्मत आजमा रहे हैं।
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, औसतन हर सीट पर 11 उम्मीदवार मैदान में हैं। सबसे ज्यादा उम्मीदवार मुजफ्फरपुर और कुढ़नी (20-20) में हैं, जबकि भोरे, परबत्ता और अलौली में सिर्फ 5-5 प्रत्याशी हैं। कुल उम्मीदवारों में से 40% करोड़पति हैं, जबकि औसतन एक उम्मीदवार की संपत्ति 3.26 करोड़ रुपये बताई गई है। 170 करोड़ की संपत्ति के साथ सबसे धनी उम्मीदवार मुंगेर से भाजपा के कुमार प्रणय हैं। वहीं, 32% उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं और करीब 27% पर गंभीर मामले भी चल रहे हैं। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो 50% उम्मीदवार स्नातक या उससे अधिक शिक्षित हैं, जबकि 105 डिप्लोमा धारक, 105 साक्षर और 8 निरक्षर हैं। पहले चरण के मतदान वाली सीटों में सबसे बड़ी विधानसभा सूर्यगढ़ा है, जबकि सबसे छोटा क्षेत्र बांकीपुर है। दीघा में सबसे ज्यादा मतदाता और बरबीघा में सबसे कम हैं।
पहले चरण में कई सेलिब्रिटी और हाईप्रोफाइल उम्मीदवारों की भी परीक्षा है। बक्सर से पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा, परसा से पूर्व सीएम दारोगा राय की पोती डॉ. करिश्मा राय, लालगंज से अनु शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला, छपरा से भोजपुरी स्टार खेसारी लाल यादव, अलीनगर से लोकगायिका मैथिली ठाकुर, सीवान से शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब और मोकामा से अनंत सिंह जैसे चर्चित चेहरे मैदान में हैं। तेजप्रताप यादव की महुआ सीट पर भी मुकाबला दिलचस्प है, जहां वे राजद के मुकेश रौशन और लोजपा आर के संजय सिंह के बीच त्रिकोणीय संघर्ष में हैं। वहीं बछवाड़ा में महागठबंधन के भीतर कांग्रेस और सीपीआई आमने-सामने हैं।
पहले चरण का चुनाव सिर्फ सीटों बिहार की राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करने वाला रण है, जहां हर दल अपनी साख, रणनीति और नेतृत्व का इम्तिहान देने उतरा है। 6 नवंबर को जनता के वोट से तय होगा कि बिहार में सत्ता का समीकरण किस दिशा में झुकेगा।
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