
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच छपरा विधानसभा सीट इस बार राज्य की सबसे हॉट सीटों में शुमार हो गई है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी सीट पर चुनावी सभा को संबोधित करने वाले हैं। माना जा रहा है कि पीएम की रैली से बीजेपी अपने पारंपरिक वोट बैंक को मजबूत करने और बगावत से उपजे असंतोष को शांत करने की कोशिश करेगी। छपरा सीट को बीजेपी का गढ़ माना जाता है। पिछले 15 वर्षों से इस सीट पर पार्टी का कब्जा रहा है। लेकिन इस बार मुकाबला पहले से कहीं ज्यादा दिलचस्प और अनिश्चित हो गया है।
इस बार आरजेडी ने भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव पर बड़ा दांव खेला है। उनके मैदान में उतरते ही सियासी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं। छपरा के मोहल्लों से लेकर गांवों तक में अब चर्चा यही है कि क्या खेसारी बीजेपी के गढ़ में सेंध लगा पाएंगे? खेसारी की रैलियों और रोड शो में उमड़ने वाली हजारों की भीड़, आरजेडी को आत्मविश्वास दे रही है। जहां खेसारी के समर्थक उन्हें छपरा का बेटा बताकर वोट मांग रहे हैं, वहीं उनके प्रशंसक दूध से अभिषेक और फूलों की वर्षा कर अपना समर्थन जता रहे हैं।
छपरा सीट पर बीजेपी के भीतर की बगावत पार्टी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। 2010 से लगातार इस सीट पर बीजेपी का कब्जा रहा है। 2010 में जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, 2015 और 2020 में डॉ. सी.एन. गुप्ता ने पार्टी को जीत दिलाई। लेकिन इस बार टिकट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। डॉ. सी.एन. गुप्ता और राखी गुप्ता दोनों टिकट की दौड़ में थे, मगर पार्टी ने युवा चेहरा आगे बढ़ाते हुए छोटी कुमारी को प्रत्याशी बना दिया। इस फैसले से नाराज होकर राखी गुप्ता ने निर्दलीय मैदान में उतरने का एलान कर दिया। अब बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि बागी उम्मीदवार राखी गुप्ता पार्टी के वोट बैंक में सेंध लगा सकती हैं। वहीं जन सुराज ने भी समीकरण को जटिल बनाते हुए पूर्व आईपीएस अधिकारी जय प्रकाश सिंह को प्रत्याशी बना दिया है, जो जातीय संतुलन साधने की कोशिश कर रहे हैं।
छपरा विधानसभा सीट की सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन चुकी है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने व्यस्त चुनावी कार्यक्रमों के बीच छपरा को चुना है, ताकि इस गढ़ को किसी भी हालत में बचाया जा सके। बीजेपी की ओर से अब तक गृहमंत्री अमित शाह, सीएम नीतीश कुमार, और भोजपुरी अभिनेता रवि किशन यहां सभा कर चुके हैं। वहीं आज पीएम मोदी की एंट्री इस मुकाबले को निर्णायक मोड़ देने जा रही है।
छपरा की गलियों में इस वक्त दो चीजें सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। खेसारी की भीड़ और बीजेपी की संगठनात्मक पकड़। जहां खेसारी लाल यादव की सभाओं में लोगों का सैलाब उमड़ रहा है, वहीं बीजेपी के पास बूथ स्तर तक मजबूत कैडर नेटवर्क है। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि इस सीट पर जनता का मूड और जातीय समीकरण, दोनों मिलकर परिणाम तय करेंगे।
छपरा में राजपूत, यादव, ब्राह्मण और मुस्लिम वोटर्स की अहम भूमिका है। बीजेपी को ब्राह्मण और वैश्य समुदाय का मजबूत समर्थन मिलता रहा है, जबकि आरजेडी यादव और मुस्लिम वोट बैंक पर भरोसा करती है। ऐसा माना जा रहा है कि जन सुराज की एंट्री से राजपूत वोटरों में बिखराव हो सकता है।
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