बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले एक बार फिर पोस्टरों की सियासत तेज हो गई है। आरजेडी के नायक वाले पोस्टर के बाद अब जेडीयू का जनसेवक वाला पोस्टर चर्चा में है। आरजेडी ने तेजस्वी यादव को नायक के रूप में पेश किया तो जवाब में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने पोस्टर जारी कर उन्हें जनसेवक बताया। जेडीयू के पोस्टर पर बड़े अक्षरों में जनसेवक लिखा है और इसके साथ नीतीश कुमार की हाथ जोड़े हुए मुस्कुराती तस्वीर लगी है। पार्टी का दावा है कि नीतीश कुमार ने पिछले दो दशकों में बिना शोर-शराबे के बिहार की सेवा की है और यही उनकी पहचान है।
नायक पर RJD दो गुटों में बंटी!
आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनावों से पहले RJD के पोस्टरों में तेजस्वी की तस्वीर के साथ बिहार का नायक कैप्शन दिया गया। राजद के पोस्टरों पर तेजस्वी यादव को नायक लिखे जाने के बाद पार्टी के भीतर ही विरोध के सुर उठे हैं। RJD के राष्ट्रीय महासचिव अब्दुल बारी सिद्दीकी ने इस उपाधि पर सवाल उठाते हुए कहा कि तेजस्वी को जननायक बनने में अभी वक्त लगेगा।
तेज प्रताप ने भी जताई आपत्ति
इससे पहले जनशक्ति जनता दल के प्रमुख और तेजस्वी यादव के बड़े भाई तेज प्रताप यादव पहले ही तेजस्वी को जननायक कहे जाने पर आपत्ति जता चुके हैं। महुआ दौरे के दौरान उन्होंने कहा था कि जननायक की उपाधि उन नेताओं के लिए होती है जिन्होंने समाज में ऐतिहासिक योगदान दिया हो। तेज प्रताप ने कहा था कि जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया और लालू प्रसाद यादव जननायक हैं लेकिन तेजस्वी जननायक नहीं हैं।
बीजेपी ने भी उठाए सवाल
तेजस्वी को नायक बताने वाले पोस्टर पर बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि तेजस्वी नायक नहीं खलनायक हैं। विपक्ष मुद्दाविहीन है इसलिए ये सब काम कर रहा है।