बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण से पहले बीजेपी ने संगठनात्मक अनुशासन को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने चार ऐसे नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है, जिन्होंने एनडीए गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ बगावत कर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया था। बीजेपी ने इसे “पार्टी विरोधी गतिविधि” मानते हुए यह सख्त कार्रवाई की है।
निकाले गए नेताओं पर अनुशासनहीनता का आरोप
बीजेपी से निकाले गए नेताओं में बहादुरगंज से वरुण सिंह, गोपालगंज से अनूप कुमार श्रीवास्तव, कहलगांव से मौजूदा विधायक पवन यादव और बड़हरा से सूर्य भान सिंह शामिल हैं। पार्टी ने इन सभी पर अनुशासनहीनता और संगठन के आदेशों की अवहेलना करने का आरोप लगाया है।
चेतावनी के बावजूद किया नामांकन
खबरों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व के बार-बार चेतावनी देने के बावजूद इन नेताओं ने गठबंधन प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय या बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन किया, जिसके बाद केंद्रीय अनुशासन समिति ने निष्कासन की अनुशंसा की। बीजेपी ने अपने बयान में कहा है कि पार्टी या गठबंधन के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ना, संगठन के प्रति निष्ठा और प्रतिबद्धता के सिद्धांतों के विपरीत है और ऐसे कृत्यों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
राजद ने 27 बागियों को दिखाया बाहर का रास्ता
गौरतलब है कि राजद भी पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले बागी नेताओं पर एक्शन ले चुका है। राजद ने 27 नेताओं को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर किया है। पार्टी से बाहर किए जाने वालों में महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल, विधायक छोटे लाल राय, विधायक मोहम्मद कामरान, पूर्व विधायक राम प्रकाश महतो, पूर्व विधायक अनिल सहनी, पूर्व विधान परिषद सदस्य गणेश भारती, पूर्व विधायक अनिल यादव, राज्य परिषद सदस्य अविनाश कुमार, प्रदेश महासचिव सुरेंद्र प्रसाद यादव शामिल हैं।