
पटना: बिहार विधानसभा चुनावों में इस बार एक ऐतिहासिक घटना हुई। मतदान वाले दिन पूरे राज्य में किसी की भी मौत नहीं हुई और किसी भी विधानसभा क्षेत्र में दोबारा वोटिंग की जरूरत नहीं पड़ी। आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले चुनावों में बिहार में हिंसा, मौतें और कई जगहों पर पुनर्मतदान जैसी स्थितियां अक्सर देखने को मिलती थीं।
राजग की बड़ी जीत के बाद पटना स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब वो दिन चले गए जब बिहार में चुनाव का मतलब हिंसा, बूथ कैप्चरिंग और गड़बड़ी होता था। उन्होंने बताया कि इस बार पूरे चुनाव के दौरान न तो हिंसा हुई और न ही चुनाव आयोग को कहीं भी मतदान दोहराने का आदेश देना पड़ा।
प्रधानमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि पहले कई क्षेत्रों में माओवादियों के डर से दोपहर 3 बजे ही मतदान खत्म कर दिया जाता था। लेकिन इस बार पूरे राज्य में सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पूरे 11 घंटे मतदान हुआ, जैसे देश के बाकी हिस्सों में होता है। उन्होंने बिहार के लोगों को रिकॉर्ड मतदान के लिए बधाई दी और कहा कि इससे लोकतंत्र और चुनाव आयोग पर जनता के विश्वास का पता चलता है।
बिहार में कुल 7.45 करोड़ से ज्यादा वोटर हैं। इस चुनाव में 66.91% मतदान हुआ, जो 1951 में हुए पहले चुनाव से अब तक का सबसे ज्यादा वोट प्रतिशत है। इस बार 3.51 करोड़ लोगों ने मतदान केंद्रों पर जाकर वोट डाला। खास बात यह रही कि महिलाओं का मतदान भी बिहार के इतिहास में सबसे अधिक दर्ज किया गया।
पुराने चुनावी आंकड़ों के मुताबिक:
इस साल बिहार में विधानसभा चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए और मतगणना जारी है।
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