बिहार की सियासी फिज़ा में इन दिनों गर्माहट बढ़ती जा रही है। मोकामा में बाहुबली नेता अनंत सिंह की गिरफ्तारी और हालिया घटनाओं के बाद अब जनशक्ति जनता दल के नेता तेज प्रताप यादव ने भी अपनी सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई है। तेज प्रताप ने कहा कि राज्य में हत्या पर हत्या हो रही है, राजनीतिक द्वेष चरम पर है। कब कौन दुश्मन बन जाए, कोई नहीं जानता।
तेज प्रताप के बयान से दबाव में राज्य सरकार
राजनीतिक हलकों में तेज प्रताप के इस बयान को बढ़ती असुरक्षा और सत्ता संघर्ष से जोड़कर देखा जा रहा है। मोकामा जैसी घटना के बाद बिहार की कानून व्यवस्था पर पहले ही सवाल उठ चुके हैं, ऐसे में एक प्रमुख राजनीतिक चेहरे द्वारा सुरक्षा को लेकर चिंता जताना राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा सकता है। तेज प्रताप शनिवार को चुनाव आयोग पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी पार्टी के सुगौली विधानसभा प्रत्याशी के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप है कि प्रत्याशी ने महागठबंधन के उम्मीदवार से समर्थन मांगा है, जो पार्टी अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने आयोग से मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की।
क्या तेज प्रताप की पार्टी में अंदरुनी अनबन है?
तेज प्रताप ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से खतरा महसूस हो रहा है और यदि केंद्र तथा राज्य प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो बड़े नेताओं की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के अंदरूनी मतभेद और प्रत्याशी चयन को लेकर असहमति के चलते तेज प्रताप का असंतोष बढ़ा है। वहीं, पार्टी नेतृत्व ने मामले को संगठन के अंदरूनी मामला बताते हुए फिलहाल कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि तेज प्रताप की यह पहल केवल सुरक्षा की चिंता नहीं, बल्कि आंतरिक सियासी असंतुलन का संकेत भी है।