
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान से पहले सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष और महागठबंधन के सीएम फेस तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो जारी कर एनडीए और केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा कि पहले चरण के बाद एनडीए खेमे में भारी गमगीन माहौल है। हार के ख़ौफ़ में गृह मंत्री अधिकारियों से मिलकर और फोन पर धमकी दे रहे हैं। जहां वे ठहरते हैं, उस होटल के CCTV कैमरे बंद करा दिए गए हैं और देर रात अधिकारियों को बुलाया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने आगे आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री आवास से बिना मुख्यमंत्री की जानकारी के कुछ प्रभावशाली अधिकारी और ED के चंगुल में फंसे महाभ्रष्ट अधिकारी पुलिस और प्रशासन को निर्देश दे रहे हैं कि महागठबंधन समर्थित बूथों पर वोटिंग के दिन तक कार्यकर्ताओं को डिटेन किया जाए। उन्होंने दावा किया कि संबंधित रेंज के अधिकारियों की मीटिंग चल रही है और बिहार के कई ईमानदार अफसर इस तरह के दबाव को स्वीकार नहीं कर रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि कई अधिकारी ऐसे लोगों के फोन आने के स्क्रीनशॉट तक भेज रहे हैं।
अपने पोस्ट में तेजस्वी ने बिहार की जनता से अपील की कि वे संविधान विरोधी गतिविधियों और वोट चोरी की किसी भी कोशिश को नाकाम करें। उन्होंने कहा कि बदलाव निश्चित है, बिहार के अधिकारी संविधान सम्मत तरीके से अपने कर्तव्यों का पालन करें। तेजस्वी ने केंद्र सरकार पर भी तीखा वार करते हुए लिखा कि दो गुजराती किसी भी तरह से बिहार पर कब्जा करना चाहते हैं। वे बिहार को अपना उपनिवेश बनाना चाहते हैं लेकिन बिहार की जनता उन्हें कड़ा सबक सिखाने के लिए एकजुट है।
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में कहा कि गणतंत्र की जननी बिहार में लोकतंत्र की डकैती नहीं होने दी जाएगी। जनता हर प्रकार से वोट चोरी और प्रशासनिक दबाव की कोशिशों को नाकाम करने के लिए तैयार है। तेजस्वी यादव का यह बयान चुनाव के दूसरे चरण से ठीक पहले आया है, जब राज्य की 122 सीटों पर 11 नवंबर को मतदान होना है और 14 नवंबर को परिणाम आएंगे।
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