Bihar Election 2025: बिहार राष्ट्रीय जनता दल(राजद) के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया महागठबंधन की 16 दिनों तक चलने वाली वोट अधिकार यात्रा 17 अगस्त से शुरू हो कर 01 सितम्बर, 2025 तक चलेगी।
20 जिलों से गुजरेगी ये यात्रा
तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि ये यात्रा रोहतास जिले से शुरू होगी और बिहार के करीब 20 जिलों से होती हुई 1 सितम्बर को पटना में खत्म होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग वोट की चोरी कर रहा है और आजाद भारत में वोट के अधिकार को सुरक्षित करने के लिए सभी को इस मुहिम में इंडिया महागठबंधन का साथ देना चाहिए।
राजद प्रवक्ता ने कहा कि इस यात्रा में वोट के अधिकार और चुनाव आयोग के द्वारा सत्तारूढ़ दल के इशारे पर किये जा रहे कार्यों को उजागर किया जायेगा और जनता को ये बताया जायेगा कि किस तरह से वोट के अधिकार से वंचित करने के लिए साजिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठी भाजपा वोट के अधिकार से शोषितों, वंचितों, पिछड़ों, अतिपिछड़ों, दलितों, आदिवासियों और बिहार से बाहर रोजी-रोटी कमाने के लिए गये हुए लोगों को वंचित करना चाहती है और उन्हें हर तरह की सुविधाओं से वंचित करने की कोशिश में है।
एनडीए पर लगाए गंभीर आरोप
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के नाम पर जिस तरह की साजिश की गई थी, उससे सबसे पहले नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने लोगों को अवगत कराया कि किस तरह भाजपा, जदयू और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्य चुनाव आयोग को मिलाकर वोट चोरी कर रहे है।
उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर चुनाव आयोग सभी 65 लाख से अधिक मतदाताओं की सूची मंगलवार तक सार्वजनिक करने वाला है और अदालत का ये कदम स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा ये हास्यस्पद है कि गुजरात के भाजपा प्रभारी भिखु भाई दिलशानिया जो 2024 में गांधी नगर लोकसभा में मतदाता थे, उनका नाम पटना के बांकीपुर विधान सभा के मीलर हाई स्कूल के बुथ पर अंकित कर दिया गया है।
उन्होंने कहा कि इस हेराफेरी को पूरा बिहार जान गया है और चुनाव के समय जनता उन्हें सबक सिखाएगी।इस अवसर पर संवाददाता सम्मेलन में राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद, व्यवसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष गोपाल प्रसाद गुप्ता एवं अतिपिछड़ा प्रकोष्ठ के उपेन्द्र चन्द्रवंशी भी उपस्थित थे।