
बिहार में बंपर जीत के साथ बीजेपी की चुनावी मशीन का मिशन पूरा हो गया है अब बारी है पश्चिम बंगाल की। जहां विधानसभा चुनाव होने में बमुश्किल तीन महीने का वक्त बचा है। पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने हैं जहां के कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए दिल्ली के पार्टी मुख्यालय से पीएम मोदी ने सीधा संदेश दे दिया। पश्चिम बंगाल में 10 साल से जीत के लिए जोर लगा रही पार्टी के लिए ये मुफीद मौका नजर आ रहा है। बीजेपी भले ही लोकसभा चुनाव में 240 सीटों पर सिमट गई थी। लेकिन उसके बाद हुए हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार के चुनाव में बंपर जीत हासिल की है और अब इसी जीत के संदेश के साथ पार्टी को पश्चिम बंगाल में कूच कर जाना है।
गंगा बिहार से होकर ही पश्चिम बंगाल में प्रवेश करती है। इसी संदेश के साथ बीजेपी के लिए भगीरथ बनने के लिए तैयार हो चुके हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जहां बीजेपी की जीत की गंगा बिहार के बाद पश्चिम बंगाल तक पहुंचाना चाहते हैं। यही वजह है कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए को मिली बंपर जीत पर धन्यवाद देने के लिए दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंचे तो उन्होंने बंगाल कूच करने का इशारा कर दिया। मोदी के इशारे से साफ है कि अब उनका अलगा टारगेट पश्चिम बंगाल है।
केंद्र की सत्ता पर काबिज होने के साथ ही बीजेपी ने पश्चिम बंगाल की तरफ ध्यान देना शुरू कर दिया था। साल 2014 में केंद्र में पीएम मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने सरकार बनाई। उसके दो साल बाद साल 2016 में हुए पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। हालांकि पार्टी कोई खास कमाल नहीं दिखा पाई लेकिन उसने तीन विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की। जिसने पश्चिम बंगाल में बीजेपी की उम्मीदों को पंख दे दिए।
पश्चिम बंगाल में बीजेपी की उम्मीदों को पंख मिले साल 2021 के विधानसभा चुनाव में जब लेफ्ट और कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए उसने प्रमुख विपक्षी पार्टी का दर्जा हासिल किया। बीजेपी साल 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटों पर जीत हासिल की और इस बार पार्टी का टारगेट पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होना है।
बीजेपी, मिशन पश्चिम बंगाल की तरफ कूच करने के लिए तैयार है लेकिन उसकी राह इतनी आसान नहीं है। पश्चिम बंगाल में जीत की हैट्रिक लगा चुकी ममता बनर्जी बेहद दमदार तरीके से सूबे की सत्ता पर काबिज हैं। सार दल साल ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी की जीत पश्चिम बंगाल में बड़ी होती जा रही है। साल 2011 में 294 विधानसभा सीटों वाले पश्चिम बंगाल में लेफ्ट का सफाया करते हुए टीएमसी ने 184 सीटों पर बंपर जीत हासिल की थी। ममता बनर्जी मुख्यमंत्री बनीं, जब साल 2016 का विधानसभा चुनाव हुआ तब ममता बनर्जी ने प्रदेशकी 211 सीटों पर जीत हासिल करते हुए दमदार वापसी की। आखिर में पिछली बार साल 2021 के विधानसभा चुनाव में जब बीजेपी ममता बनर्जी को उखाड़ फेंकने के लिए जोर लगा रही थी उस वक्त टीएमसी की जीत का दायरा और भी बड़ा हो गया। टीएमसी ने साल 2016 की जीत से दो कदम और आगे बढ़ते हुए 213 विधानसभा सीटों पर बंपर जीत हासिल की और ममता बनर्जी ने मुख्यमंत्री बनने की हैट्रिक लगाई।
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