बिहार में हो रहे विधानसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने प्रचार के लिए अपनी पूरी ताकत झोक दी है। बीजेपी के तमाम बड़े चेहरे चुनाव मैदान में उतर चुके हैं। बीजेपी, जिसे चुनाव मशीन कहा जाता है उसने इस बार के विधानसभा चुनाव में कुछ ऐसी रणनीति बनाई है जिसको समझना मुश्किल लग रहा है। इस बार एनडीए में जो सीटों का बटवारा हुआ है उसमें प्रदेश के 6 ऐसे जिले हैं जहां बीजेपी ने अपनी पार्टी का एक भी उम्मीदवार नहीं उतारा है। इन सीटों पर जेडीयू, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। आखिर बीजेपी ने इस बार ऐसी कौन सी चाल चली है आइए जानने की कोशिश करते हैं।
इन 6 जिलों में नहीं बीजेपी का एक भी उम्मीदवार
जिन जिलों में बीजेपी ने अपने एक भी उम्मीदवार नहीं उतारे हैं उसमें मधेपुरा, खगड़िया, शेखपुरा, शिवहर, जहानाबाद और रोहतास शामिल है। इन सभी 6 जिलों की एक भी विधानसभा सीट पर बीजेपी ने अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हैं। इसके अलावा कुछ ऐसे भी जिले हैं जहां बीजेपी ने सिर्फ एक-एक उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। जिन जिलों में बीजेपी ने सिर्फ एक-एक विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं उनमें सहरसा, लखीसराय, नालंदा, बक्सर और जमुई शामिल है। इस तरह से 6 जिलों में एक भी उम्मीदवार नहीं और 5 जिलों में सिर्फ 5 उम्मीदवार। बीजेपी ने जिन 6 जिलों में अपने उम्मीदवार नहीं उतारे हैं उनमें से 3 जिलों में पहले चरण में जबकि 3 जिलों में दूसरे चरण में वोट डाले जाएंगे।
चंपारण पर बीजेपी ने लगाया बड़ा दाव
बीजेपी ने बिहार में सबसे ज्यादा उम्मीदवार चंपराण क्षेत्र के जिलों में उतारे हैं, यहां की कुल 12 विधानसभा सीटों में से 8 सीटों पर बीजेपी ने अपने उम्मीदवार उतारे हैं। पश्चिमी चंपारण की जिन सीटों पर इसने अपने उम्मीदवार उतारे हैं उनमें पिपरा, कल्याणपुर, मोतिहारी, हरसिद्धि,मधुबन, रक्सौल, ढाका और चिरैया विधानसभा सीट है। इस लिहाज से देखें तो चंपारण क्षेत्र के जिलों में बीजेपी ने बड़ा दांव लगाया है। ऐसे में रिजल्ट के लिहाज से ये क्षेत्र बीजेपी के लिए काफी अहम हो जाता है।
इन जिलों में बीजेपी के सबसे ज्यादा प्रत्याशी
बीजेपी ने बिहार के जिन जिलों में अपने सबसे ज्यादा उम्मीदवार उतारे हैं उनमें पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, पटना, दरभंगा, भोजपुर, मुजफ्फरपुर और मधुबनी शामिल है। पश्चिमी चंपारण की 12 में से 8, पूर्वी चंपारण की 9 में से 7, पटना की 14 में से 7, दरभंगा की 10 में से 6, भोजपुर की 7 विधानसभा सीटों में से 5, मुजफ्फरपुर की 11 में से 5 और मधुबनी जिले की कुल 10 विधानसभा सीटों में से 5 सीटों पर बीजेपी ने अपने प्रत्याशी उतारे हैं।
38 में से 32 जिलों में बीजेपी ने उतारे प्रत्याशी
बीजेपी ने बिहार के कुल 38 जिलों में से 32 जिलों में अपने 101 प्रत्याशी उतारे हैं। एनडीए गठबंधन में बीजेपी-जेडीयू के खाते में 101 सीटें गई थीं, जबकि चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को 29 सीटें मिली हैं, इसके अलावा जीतनराम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के हिस्से में 6-6 सीटें आई थीं। जिनमें से चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) के एक प्रत्याशी का नामांकन रद्द हो चुका है। LJP(R) ने दरौंदा विधानसभा सीट पर भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री सीमा सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था, जिनके नामांकन फॉर्म में खामियां पाए जाने पर उनका पर्चा रद्द हो गया था। इस तरह से एनडीए ने बिहार की कुल 243 विधानसभा सीटों में से एक सीट बिना चुनाव लड़े ही गंवा दिया है।