अभी-अभी तो महागठबंधन की पटना में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, 28 अक्टूबर को साझा चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की बात कही जा रही है। इसी बीच कांग्रेस में असंतोष की आग बेकाबू हो चली है। हालात ऐसे हो गई हैं कि महागठबंधन में पड़ी गांठ सुलझाने के बाद लौटे अशोक गहलोत को फिर पटना आना पड़ा है। इस बार कांग्रेस में बगावती तेवर अख्तियार कर चुके पार्टी नेताओं को मनाने के लिए केंद्रीय कमान ने दिल्ली से तीन कद्दावर नेताओं को पटना भेजा है। उधर इसी बीच खबर आ रही है कि बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु पटना से दिल्ली रवाना हो रहे हैं।
अब कांग्रेस के भीतर बेकाबू हुआ असंतोष!
बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार का शोर खूब सुनाई दे रहा है, लेकिन इस प्रचार के शोर के साथ कांग्रेस में असंतोष को लेकर उठी आंधी ने पार्टी को हिलाकर रख दिया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि पार्टी के तीन-तीन केंद्रीय नेताओं को पटना भेजा गया है। जब से बिहार विधानसभा चुनाव की सुगबुहाट शुरू हुई थी तभी से महागठबंधन में सीटों के बटवारे को लेकर बातचीत चल रही थी। बात चलते-चलते इनती दूर पहुंची की नामांकन और नाम वापसी की तारीख खत्म हो गई और बात नहीं बनी। उसके बाद बारी थी महागबंधन के साझा चुनावी घोषणापत्र की, वैसे तो ये घोषणापत्र सीटों के बटवारे की घोषणा के बाद की जानी थी। लेकिन ना सीटों के बटवारे की घोषणा हुई और ना ही साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। खैर नामांकन की तारीख बीतते-बीतते जैसे-तेसे अशोक गहलोत ने बीच में दखल देकर मामला शांत कराया, तो अब बिहार कांग्रेस के भीतर असंतोष की आग फैल गई है। इस आग की लपटों में कांग्रेस के चुनावी अरमान और सूबे की सत्ता पर राज करने का ख्वाब जलने की आशंका बढ़ गई है।
पटना पहुंचे अशोक गहलोत, वेणु गोपाल, अजय माकन
बिहार में कांग्रेस को गठबंधन की तरफ से 61 सीटें मिली हैं, जिसको लेकर पार्टी में असंतोष बढ़ गया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ पटना में कांग्रेस नेताओं का शुरू हुआ प्रदर्शन अभी भी जारी है। पार्टी नेताओं का आरोप है कि बाहरी नेताओं को टिकट दिया गया है। जबकि पुराने कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और बिहार चुनाव पर्यवेक्षक अशोक गहलोत, संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और चुनाव स्क्रीनिंग कमेटी प्रमुख अजय माकन शनिवार देर शाम पटना पहुंचे। तीनों नेता सीधे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम नहीं गए, बल्कि वार रूम में देर रात तक स्थिति पर मंथन करते रहे।
धैर्य से काम लें पार्टी का नुकसान ना हो- अशोक गहलोत
पार्टी कार्यकर्ताओं को मनाने पहुंचे अशोक गहलोत ने मीडिया के सामने भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो पुराने पक्के कांग्रेसी हैं उन्हें पार्टी के हित का ख्याल रखना चाहिए। मतदान की उल्टी गिनती के बीच इस तरह से विरोध प्रदर्शन और नाराजगी जताने का नुकसान पार्टी को चुनाव में उठाना पड़ सकता है। लगे हाथ अशोक गहलोत ने दावा किया कि समय रहते सभी नाराज पार्टी कार्यकर्ताओं को मना लिया जाएगा। बताया जा रहा है कि पटना पहुंचे तीनों नेता अशोक गहलोत, वेणु गोपाल और अजय माकन जल्दी ही बागी नेताओं से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे।
कृष्णा अल्लावरु क्यों जा रहे हैं दिल्ली?
कांग्रेस के तीन कद्दावर नेता जब नाराज पार्टी नेताओं को मनाने के लिए पटना पहुंचे हैं, इसी बीच खबर आ रही है कि कृष्णा अल्लावरु दिल्ली रवाना हो रहे हैं। दिल्ली रवाना होने से पहले बिहार कांग्रेस प्रदेश प्रभारी कृष्णा अल्लावरु भी मीडिया के सामने आए और कहा कि टिकट नहीं मिलने से कुछ नेता नाराज हैं साथ ही उन्होंने कहा कि इन्हें जल्दी मना लिया जाएगा। कांग्रेस नेता आनंद माधव ने पिछले दिनों कृष्णा अल्लावरु के खिलाफ मोर्चा खोला था। उन्होंने अल्लावरु पर कारपोरेट एजेंडा चलाने का आरोप लगाया था। यहां तक कि उन्होंने अल्लावरु को आरएसएस का स्लीपर सेल तक करार दिया था। आनंद माधव ने बिहार में तुरंत कार्यकारी प्रदेश प्रभारी नियुक्त करने की मांग की है। गौरतलब है कि बिहार कांग्रेस के नाराज नेता सबसे ज्यादा नाराजगी कृष्णा अल्लावरु को लेकर जता रहे हैं।