Bihar Chunav Result 2025: बिहार में विपक्ष की राजनीति में बदल रहे हैं समीकरण, क्या तेजस्वी यादव का विकल्प बन पाएंगे पीके

बिहार में विपक्षी महागठबंधन की बहुत बुरी हार हुई, नई पार्टी जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर को भी मुंह की खानी पड़ी। उनकी पार्टी खाता भी नहीं खोल पाई। लेकिन इसी वक्त एक और सवाल उठने लगा है कि क्या बिहार में विपक्ष की जगह आरजेडी खाली कर रही है जिसे भरने के लिए जनसुराज तैयार हो रही है।

Rajkumar Singh
अपडेटेड16 Nov 2025, 03:06 PM IST
तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर
तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर(HT)

इस बार साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम ने प्रदेश में कई राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। इस बार के चुनाव में बिहार में जहां नीतीश कुमार की अहमियत और बीजेपी की मजबूती का संकेत दिया है। वहीं दूसरी तरफ आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। राजनीति के जानकार कयास लगाने लगे हैं कि अब बिहार में विपक्ष की कुर्सी खाली हो रही है जिसे भरने के लिए जनसुराज धीरे-धीरे अपनी जगह बनाने की तरफ बढ़ रही है।

बिहार चुनाव में जनसुराज का प्रदर्शन

साल 2025 के विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर ने 150 सीटें जीतकर सरकार बनाने का दावा किया था। वैसे तो उन्होंने अति उत्साह में कई तरह के दावे कर डाले। लेकिन उनकी पार्टी का खाता तक नहीं खुला। लेकिन विपक्षी महागठबंधन के लिए ओवैसी की पार्टी AIMIM से ज्यादा नुकसान जनसुराज ने पहुंचाया। बिहार में 35 ऐसी सीटें थीं जहां जनसुराज के प्रत्याशी को हार जीत के अंतर से ज्यादा वोट मिले। इन 35 सीटों में से 19 सीटों पर एनडीए, 14 सीटों पर महागठबंधन और एक-एक सीट पर BSP और AIMIM को जीत मिली। जनसुराज ने बिहार में 238 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 236 सीटों पर उसकी जमानत जब्त हो गई।

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सिर्फ एक सीट पर टक्कर दे पाए पीके

प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज ने बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान सिर्फ एक सीट संतोषजनक प्रदर्शन किया और सीट है मढ़ौरा। इस सीट पर जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी नवीन कुमार सिंह उर्फ अभय सिंह दूसरे नंबर पर रहे और उन्हें 58,190 वोट मिले। इस सीट पर नवीन सिंह को आरजेडी के जितेंद्र कुमार राय ने 27,928 वोटों से हराया। इसके अलावा 115 सीटों पर जनसुराज मुकाबले में तीसरे नंबर पर रही। जिन सीटों पर जनसुराज ने हार जीत के अंतर से ज्यादा वोट हासिल किए उनमें से 10 सीटों पर जेडीयू जबकि पांच सीटों पर बीजेपी ने जीत हासिल की, जबकि चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को तीन, जीनत राम मांझी की पार्टी हम और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM को एक सीट पर कामयाबी मिली। इस तरह से जनसुराज ने हारते-हारते एनडीए को 19 सीटों पर जीत दिला दी। खासकर जेडीयू को पीके की पार्टी ने ज्यादा मदद पहुंचाई। हालांकि जनसुराज को जिन सीटों पर जीत हार के अंतर से ज्यादा वोट हासिल हुए उनमें से 14 सीटों पर महागठबंधन की पार्टियां भी जीतीं, जिसनें 9 सीट आरजेडी, दो सीट कांग्रेस, 1-1 सीट CPI, CPI(ML) और IIP को मिलीं।

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जनसुराज को मिले 3.14 प्रतिशत वोट

बिहार विधानसभा चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को 3.14 प्रतिशत वोट मिले, पार्टी ने बिहार में कुल 238 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे जिनमें से 236 प्रत्याशी यानी 99.16 प्रतिशत प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बिहार में आरजेडी अपने ढलान की तरफ नजर आ रही है और कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले दिनों में आरजेडी के सामने सियासी संकट और गहराने के आसार हैं। दूसरी तरफ जनसुराज को उसके विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि साल 2025 के विधानसभा चुनाव में 23 प्रतिशत वोट हासिल करने वाली आरजेडी की जगह लेने के लिए जनसुराज को अभी लंबा सफर तय करना होगा।

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