
बिहार विधानसभा चुनाव में सीटों को लेकर शुरु हुई खींचतान की वजह से नामांकन के आखिरी दिन तक महागठबंधन में सीटों पर समझौता नहीं हो पाया। नतीजा 13 सीटों पर गठबंधन की पार्टियों ने एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में प्रत्याशी उतार दिए। हालत ये हो गई कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम के खिलाफ भी आरजेडी ने उम्मीदवार उतार दिए। वहीं आरजेडी और वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी भी एक सीट पर टकरा गए। हालांकि दो सीटों पर समझौता हुआ लेकिन 11 सीटों पर फ्रेंडली फाइट हुई। अब आइए जानते हैं जिन सीटों पर फ्रेंडली फाइट देखने को मिली उन सीटों पर क्या हाल हुआ।
बिहार विधानसभा चुनाव में जिन 11 सीटों पर महागठबंधन के बीच फ्रेंडली फाइट हुई, उसमें वैशाली, बछवाड़ा, राजापाकर, बिहारशरीफ, बेलदौर, कैमूर जिले की चैनपुर, रोहतास की करगहर, पश्चिम चंपारण की नरकटियागंज, जमुई की सिकंदरा और भागलपुर जिले की कहलगांव और सुल्तानगंज सीट शामिल है।
महागठबंधन में शामिल CPI बिहार की चार विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और आरजेडी से टक्कर देखने को मिली। सासाराम में CPI के महेंद्र प्रसाद गुप्ता ने कांग्रेस के संतोष कुमार मिश्र को चुनौती दी और जीत गए जेडीयू के वशइष्ठ सिंह। बिहारशरीफ विधानसभा सीट पर CPI के शिव कुमार यादव और कांग्रेस के ओमार खान के बीच मुकाबला हुआ और बाजी मार ले गए बीजेपी के सुनील कुमार सिंह। राजापाकर विधानसभा सीट पर CPI के मोहित पासवान ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिमा कुमारी को चुनौती दी और जीत मिली जेडीयू के महेंद्र राम को। इसी तरह बछवाड़ा विधानसभा सीट पर CPI के अवधेश कुमार राय और कांग्रेस के गरीब दास एक-दूसरे से भिड़े और जीत हुई बीजेपी के सुरेंद्र मेहता की।
लेफ्ट विंग की एक और पार्टी IIP यानी इंडियन इन्क्लूसिव पार्टी ने बेलदौर में कांग्रेस के साथ मुकाबला किया। यहां कांग्रेस के मिथिलेश कुमार निषाद और IIP की तनीषा भारती के बीच टक्कर हुई और जेडीयू के पन्ना लाल सिंह पटेल चुनाव जीत गए। इस तरह से महागठबंधन की इन दोनों पार्टियों ने आपस में लड़कर तीसरी पार्टी का फायदा करवा दिया और दोनों चुनाव हार गए।
वैशाली विधानसभा सीट पर आरजेडी और कांग्रेस के बीच लड़ाई देखने को मिली और बाजी जेडीयू मार ले गई। वैशाली में आरजेडी ने अजय कुमार कुशवाहा को मैदान में उतारा था वहीं कांग्रेस ने भी इस सीट से अपने प्रत्याशी संजीव सिंह को टिकट दिया था। इन दोनों की लड़ाई में जेडीयू के सिद्धार्थ पटेल बाजी मार ले गए। वहीं जमुई की सिकंदरा विधानसभा सीट पर आरजेडी के उदय नारायण चौधरी और कांग्रेस के विनोद कुमार चौधरी के बीच टक्कर देखने को मिली और इस सीट पर जीतन राम मांझी की पार्टी हम के उम्मीदवार प्रफुल्ल मांझी जुनाव जीत गए। नरकटियागंज में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां आरजेडी और कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ और बीजेपी जीत गई। इस सीट पर आरजेडी ने दीपक यादव को मैदान में उतारा था वहीं कांग्रेस की तरफ से शाश्वत केदार मैदान में थे। दोनों की लड़ाई में बीजेपी के संजय पांडेय बाजी मार ले गए।
आरजेडी और कांग्रेस के बीच भागलपुर जिले की दो विधानसभा सीटों पर फ्रेंडली फाइट देखने को मिली। जिसमें कहलगांव विधानसभा सीट पर आरजेडी-कांग्रेसी एक दूसरे के खिलाफ ताल ठोकते नजर आए और जीत जेडीयू के शुभानंद मुकेश के खाते में आई। इसी तरह भागलपुर जिले की दूसरी विधानसभा सीट सुल्तानगंज में आरजेडी के चंदन कुमार और कांग्रेस के लल्लन कुमार एक-दूसरे को चुनौती दिखाई दिए और जेडीयू के ललित नारायण मंडल मैदान मार ले गए।
वैसे तो आरजेडी और आरजेडी के बीच दो सीटों पर फ्रेंडली फाइट देखने को मिल रही थी। एक सीट पर तो वीआईपी पार्टी के मुखिया मुकेश सहनी के भाई ही मैदान में उतरे थे। जिनके खिलाफ आरजेडी ने भी उम्मीदवार उतारा था, इस सीट पर मुकेश सहनी के भाई के पक्ष में और अपनी पार्टी के प्रत्याशी के खिलाफ तेजस्वी यादव ने प्रचार भी किया था। दोनों में से किसी एक को मैदान छोड़ने के लिए मनाने की कोशिश भी की जा रही थी। आखिरकार मुकेश सहनी के भाई संतोष सहनी मान गए और मतदान से एक दिन पहले आरजेडी उम्मीदवार को समर्थन दे दिया। लेकिन कैमूर जिले की जैनपुर सीट पर ऐसा नहीं हुआ यहां आरजेडी के बृज किशोर बिंद और वीआईपी के गोबिंद बिंद के बीच मुकाबला हुआ और जीत जेडीयू के जमा खान के खाते में गई।
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.