बिहार विधानसभा चुनाव में वोटों की गिनती जारी है। जिसमें चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) गजब का प्रदर्शन करती दिखाई दे रही है। बिहार विधासभा चुनाव में मतदान के बाद तमाम सर्वे एजेंसियों ने जो आंकड़े पेश किए थे उनमें चिराग पासवान की पार्टी को 8 से 16 सीटों पर जीत मिलने का अनुमान जताया था। जिसको लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। लेकिन वोटों की गिनती के दौरान आ रहे रुझानों से पता चलता है कि ना सिर्फ एनडीए खेमे में बल्कि इस बार तमाम राजनीतिक पार्टियों को परफॉर्मेंस के मामले में पीछे छोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
चिराग पासवान ने सबको चौंकाया
बिहार विधानसभा चुनाव में जो रुझान आ रहे हैं उसमें चिराग पासवान को बंपर सीटों पर बढ़त दिखाई दे रही है, चिराग पासवान की पार्टी 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। जिनमें से उनकी पार्टी 21 सीटों पर बढ़त बनाती दिख रही है। इस तरह से देखा जाए तो उनके जीत का प्रतिशत 85 प्रतिशत के आसपास दिखाई दे रही है। जो एनडीए में सबसे ज्यादा है।
चिराग पासवान को मिली थीं 29 सीटें
चिराग पासवान को एनडीए गठबंधन में 29 सीटें मिली थीं। लेकिन दरौंदा विधानसभा सीट पर उनकी पार्टी की प्रत्याशी सीमा सिंह का नामांकन रद्द हो गया था। सीमा सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए जो दस्तावेज इलेक्शन कमीशन के सामने पेश किए थे उसमें कुछ खामियां पाई गई थीं। जिसकी वजह से भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द हो गया थ।
विशेषज्ञों ने चिराग पर उठाए थे सवाल
एग्जिट पोल में जो नंबर चिराग पासवान को मिलता दिखाया जा रहा था उसको लेकर राजनीतिक के जानकारों को भी भरोसा नहीं हो रहा था। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक पिछली बार जिस चिराग पासवान की वजह से नीतीश कुमार की पार्टी 43 सीटों पर सिमट गई थी इस बार कयास लगाए जा रहे थे कि नीतीश के समर्थक मतदाता उनको सबक सिखाएंगे। लेकिन एनडीए गठबंधन ने जिस तरह से एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में अपने मतदाताओं पर प्रभाव छोड़ा ये सारे आकलन गलत साबित हुए। जिसका नतीजा है कि चिराग पासवान 20 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं।
साल 2020 में चिराग का प्रदर्शन
साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में चिराग पासवान ने अकेले दम पर चुनाव लड़ा था। एनडीए से अगल होकर चिराग पासवान ने अपनी पार्टी LJP(R) के उम्मीदवार 135 सीटों पर उतारे थे। जिनमें से सिर्फ एक सीट पर उनकी पार्टी को जीत हासिल हुई थी। जिसके बाद इस बार के चुनाव में उनकी पार्टी और उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर सवाल उठाए जाने लगे थे। लेकिन हैरानी की बात ये है कि जिन सीटों पर पिछली बार एनडीए गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा था उन सीटों पर भी चिराग पासवान की पार्टी बढ़त बनाती हुई नजर आ रही है।
चिराग को लेकर JDU में थी नाराजगी?
NDA गठबंधन में चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को 29 सीटें देने को लेकर विरोध के स्वर भी उठे थे। जेडीयू के एक धड़े का मानना था कि उन्हें पिछली बार के बिहार विधानसभा चुनाव में प्रदर्शन को ध्यान में रखते हुए सीटें दी जानी चाहिए थी। इसको लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नाराजगी की भी खबरें आई थीं। जेडीयू के बड़े धड़े का मानना था कि चिराग को इतनी सीटें देना गठबंधन के लिए नुकसान का सौदा होगा। लेकिन अब जेडीयू नेता भी चिराग पासवान की जमकर तारीफ कर रहे हैं।