कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने गुरुवार को केरल में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। इसमें महिलाओं, युवाओं और छोटे कारोबारियों के लिए कई कल्याणकारी योजनाओं पर जोर दिया गया है।
यह घोषणापत्र ऐसे समय आया है जब चुनाव में UDF (कांग्रेस के नेतृत्व में) और सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के बीच कड़ा मुकाबला है। LDF का नेतृत्व मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPI-M) कर रही है। बेरोजगारी, महंगाई और सरकारी योजनाओं को लेकर लोगों की चिंता बढ़ी है, इसलिए दोनों पक्ष चुनाव से पहले लोगों तक पहुंच बढ़ा रहे हैं।
विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वी डी सतीशन ने कहा कि यह घोषणापत्र “सबके विकास और सामाजिक सुरक्षा” पर आधारित है। इसमें महिलाओं, छात्रों, किसानों और छोटे व्यापारियों पर खास ध्यान दिया गया है।केरल में विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल 2026 को होंगे, जिसमें 140 सदस्यों का चुनाव किया जाएगा। वोटों की गिनती 4 मई 2026 को होगी और उसी दिन नतीजे घोषित किए जाएंगे।
UDF के घोषणापत्र के मुख्य वादे
• महिलाओं के लिए केरल स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (KSRTC) की बसों में मुफ्त यात्रा
• पेंशन बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह करना
• कॉलेज में पढ़ने वाली लड़कियों को हर महीने ₹1,000 की सहायता
• हर परिवार को ₹25 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा
• छोटे व्यापारियों और उद्यमियों को ₹5 लाख तक का बिना ब्याज लोन
• ₹100 करोड़ तक के टर्नओवर वाले MSME को आर्थिक सहायता
• आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं सहित योजना कर्मियों की सैलरी बढ़ाना
• हवाई सेवाओं का विकास कर पर्यटन और कनेक्टिविटी बढ़ाना
• वायनाड में एक ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना
• रोजगार, युवाओं के स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप्स पर विशेष ध्यान
केरल विधानसभा का कार्यकाल 23 मई 2026 को खत्म होगा। पिछले विधानसभा चुनाव अप्रैल 2021 में हुए थे। उस समय CPI(M) के नेतृत्व वाले LDF ने 140 में से 99 सीटें जीतकर फिर से सरकार बनाई थी और पिनाराई विजयन मुख्यमंत्री बने थे।