
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। एनडीए को बंपर बहुमत मिला है और एक बार फिर नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने की ओर अग्रसर हैं। दूसरी तरफ आरजेडी में हार पर हाहाकार मचा हुआ है, क्या पार्टी क्या परिवार, हर जगह खींचतान सतह पर नजर आ रहा है। विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार पर आरजेडी की बैठक होने वाली थी। हार पर समीक्षा के लिए पार्टी के तमाम विधायक और आला नेता बुलाए गए थे, लेकिन समीक्षा किए बिना बैठक खत्म कर दी गई।
बिहार में आरजेडी की करारी हार के बाद पटना में हार पर समीक्षा के लिए बैठक बुलाई गई थी लेकिन बैठक में हार पर कोई चर्चा नहीं हुई। बस एक लाइन का प्रस्ताव लाया गया और वो प्रस्ताव था- तेजस्वी यादव को विधायक दल का नेता चुने जाने का। प्रस्ताव आया और सर्वसम्मति से पास भी हो गया। तेजस्वी यादव विधायक दल का नेता चुन लिए गए।
आरजेडी की बैठक में हार को लेकर समीक्षा तो नहीं हुई। बैठक के दौरान एक और हैरान करने वाली बात ये हुई कि लालू यादव और राबड़ी देवी बैठक शुरू होने से कुछ मिनट बाद ही बैठक छोड़कर निकल गए। हालांकि जाने से पहले लालू यादव ने तेजस्वी को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा और उसे बिना देर किए पास कर दिया गया।
आरजेडी की बैठक से निकले पार्टी के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी ने मीडिया के सामने बैठक के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को आरजेडी विधायक दल का नेता चुनने को लेकर एक लाइन का प्रस्ताव लाया गया। इस औपचारिकता के पूरा होते ही बैठक खत्म हो गई। हालांकि, पार्टी प्रवक्ताओं ने मीडिया के सामने दावा किया कि बैठक में हार की समीक्षा की गई और हार के हर कारणों पर चर्चा हुई। एक वाक्य के प्रस्ताव के सवाल पर प्रवक्ताओं ने कहा कि प्रस्ताव एक ही लाइन का पेश किया जाता है।
आरजेडी की बैठक पर पार्टी के वरिष्ठतम नेताओं में से एक शिवानंद तिवारी ने लालू यादव पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है। शिवानंद तिवारी ने लालू यादव की तुलना धृतराष्ट्र से की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट लिखा है जिसमें उन्होंने लालू यादव को धृतराष्ट्र करार दिया है। शिवानंद तिवारी का ये लालू यादव का अब तक का सबसे बड़ा तंज माना जा रहा है। शिवानंद तिवारी लालू यादव के पूराने साथी रहे हैं। शिवानंद तिवारी वही नेता हैं जो इमरजेंसी के दौर में भी लालू यादव के साथ खड़े रहे थे। वो पार्टी और लालू परिवार के हर मुश्किल वक्त में शिवानंद तिवारी उनके साथ मौजूद रहे।
तेजस्वी यादव भले ही आरजेडी विधायक दल का नेता चुन लिए गए, लेकिन संजय यादव और रमीज नेमत को लेकर शुरू हुए विवाद में वह अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं। बड़े भाई तेज प्रताप यादव पहले से पार्टी और परिवार से अलग हैं तो बहन रोहिणी आचार्य पार्टी और परिवार को छोड़कर चली गई हैं। अब बताया जा रहा है कि मीसा भारती भी पटना छोड़ चुकी हैं। लालू और राबड़ी देवी अपने आवास पर चले गए हैं और तेजस्वी यादव नेता प्रतिपक्ष के आवास में अकेले पड़ते नजर आ रहे हैं। उनपर संजय यादव और रमीज नेमत को पार्टी से बाहर करने को लेकर दबाव बढ़ता जा रहा है।
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