
Tamil Nadu Assembly Election: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव होने में अब एक महीना ही बचा है। इतने महत्वपूर्ण समय में बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को एक बड़ा झटका लग गया। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और द्रविड़ राजनीति के बड़े चेहरे ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने सत्ताधारी डीएमके का दामन थाम लिया। इस चुनाव में डीएमके को सत्ता से बेदखल करने का सपना देख रही बीजेपी और उसके प्रमुख सहयोगी दल एआईएडीएमके के लिए यह बड़ा झटका है। पन्नीरसेल्वम को एआईडीएमके ने पार्टी से बेदखल कर दिया था।
ओ पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु के तीन बार मुख्यमंत्री रहे। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) ने उन्हें ई. पलनिस्वामी के साथ संघर्ष के चलते 2022 में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पनीरसेल्वम अन्नाद्रमुक की सुप्रीमो दिवंगत जे. जयललिता के विश्वासपात्र माने जाते थे। अपने मातृ संगठन में फिर से शामिल होने के लिए तीन साल के असफल प्रयास के बाद वह द्रमुक में शामिल हो गए। वह अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) में शामिल हो गए।
ओपीएस ने एआईडीएमके में वापसी के बहुत प्रयास किए, लेकिन उम्मीद टूट गई तो डीएमके का दरवाजा खटखटाने लगे थे। पनीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री स्टालिन की प्रशंसा की और भविष्यवाणी की थी कि डीएमके तमिलनाडु की सत्ता में वापसी करने वाली है। पनीरसेल्वम खेमे के विधायक पी. अय्यप्पन भी विधानसभा में कह चुके हैं कि एमके स्टालिन को फिर से मुख्यमंत्री बनना चाहिए। उन्होंने स्टालिन सरकार की प्राथमिक स्कूलों में बच्चों को नाश्ता देने की योजना की प्रशंसा की।
इसी सप्ताह, एनडीए के घटक दल एएमएमएक महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने ओपीएस पर यह कहकर हमला बोला था कि उन्हें जिस भी गठबंधन में जाना है जाएं, लेकिन इसमें जयललिता का नाम नहीं घसीटें। उन्होंने ओपीएस के बयान पर आपत्ति जताई कि सीएम एमके स्टालिन को अम्मा (जयललिता) और पुरात्ची थलाइवर का आशीर्वाद मिल रहा है।
उन्होंने आगे कहा, 'जहां तक ओ पन्नीरसेल्वम की बात है, उन्हें अपनी पर्सनल कैपेसिटी में यह तय करने का पूरा हक है कि वह किस अलायंस में शामिल होना चाहते हैं या किससे चुनाव लड़ना चाहते हैं। हालांकि, लेजिस्लेटिव असेंबली में उन्होंने जो कहा कि डीएमके के स्टालिन पुरात्ची थलाइवर और अम्मा के आशीर्वाद से सत्ता में वापस आएंगे, वह मुझे और जयललिता के किसी भी निष्ठावान समर्थक को मंजूर नहीं है। हम ऐसे बयान स्वीकार नहीं करेंगे जो हमारे नेताओं की विरासत और सम्मान को बदनाम करें।'
234 सदस्यों वाली तमिलनाडु विधानसभा के लिए अप्रैल महीन में ही चुनाव होने वाले हैं। वहां एमके स्टालिन की लीडरशिप वाला अलायंस बीजेपी-अन्नाद्रमुक अलायंस के खिलाफ जीत के लिए 'द्रविड़ियन मॉडल 2.0' को प्रॉजेक्ट करने की कोशिश करेगा। एक्टर से पॉलिटिशियन बने विजय की अपनी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के साथ एंट्री से तमिलनाडु चुनाव तीन तरफा मुकाबले में बदलने की उम्मीद है।
डीएमके ने 2021 के चुनावों में विधानसभा की 133 सीटें जीती थीं। तब कांग्रेस ने 18, पीएमके ने पांच, वीसीके ने चार और अन्य ने आठ सीटें जीतीं। डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) ने कुल मिलाकर 159 सीटें जीतीं जिसमें कांग्रेस शामिल है। वहीं, एनडीए ने 75 सीटें जीतीं औ एआईएडीएके 66 सीटों के साथ अलायंस में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
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