नरोत्तम मिश्रा समर्थकों का दतिया में भारी बवाल, उपचुनाव में टिकट कटने से नाराज

Datiya News Updates: दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रत्याशी के नाम की घोषणा ने मध्य प्रदेश बीजेपी में आंतरिक कलह को सतह पर ला दिया। नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने पर समर्थकों ने भारी बवाल मचाया और कई पदाधिकारियों ने पद छोड़ दिए। 

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड11 Jul 2026, 03:41 PM IST
आशुतोष तिवारी को टिकट मिलने पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का बवाल।
आशुतोष तिवारी को टिकट मिलने पर नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों का बवाल।

दतिया/इंदौर: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए टिकट नहीं दिए जाने पर भारी बवाल मच गया। मिश्रा के समर्थकों ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 44 (NH 44) पर करीब 12 घंटे तक जाम लगाया। अधिकारियों के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया।

अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान पुलिस अधीक्षक (SP) सहित कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। वहीं, प्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने प्रत्याशी बदलने की संभावना को सिरे से खारिज कर दी है।

एनएच 44 को 11-12 घंटे तक रखा जाम

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने एनएच 44 को बाधित कर दिया। पुलिस ने सड़क खाली कराने का प्रयास किया तो मिश्रा के समर्थक प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया। फिर पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े। बाद में सुरक्षा बलों ने राजमार्ग से जाम हटाया और कुछ प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया।

सत्तारूढ़ भाजपा ने शुक्रवार को दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया था जिसके बाद मिश्रा के समर्थक बौखला उठे। दतिया के जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े ने संवाददाताओं से कहा कि प्रदर्शनकारियों ने करीब 11-12 घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित रखा। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा समझाने के बावजूद प्रदर्शनकारी नहीं माने और उन्होंने पुलिस पर पथराव किया जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए।

दतिया जिले में निषेधाज्ञा लागू

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, धारा 163 के तहत बिना अनुमति किसी भी सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन और सार्वजनिक आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर भी रोक लगाई गई है।

वहीं, प्रशासन ने एहतियात के तौर पर दतिया स्थित भाजपा कार्यालय के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी। बताया गया कि कार्यालय परिसर में मौजूद बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं को कुछ समय तक वहीं रोका गया, जबकि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस लगातार गश्त कर रही है। दतिया के SP मयूर खंडेलवाल ने कहा, 'कल दतिया शहर में 3000 से ज़्यादा उपद्रवियों ने माहौल खराब करने की कोशिश की।'

हमने आदर्श आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन उनके नहीं मानने और पथराव करने पर पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।- मयूर खंडेलवा, एसपी, दतिया

मिश्रा की जगह तिवारी को मिला टिकट

आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाए जाने से पूर्व मंत्री मिश्रा को झटका लगा है। दतिया जिले के सेवढ़ा निवासी आशुतोष तिवारी प्रदेश भाजपा संगठन में सक्रिय रहे हैं। पार्टी सूत्रों ने बताया कि मिश्रा को टिकट मिलने की उम्मीद थी और उन्होंने नामांकन पत्र भी खरीद लिया था। तिवारी ने भाजपा की प्रदेश इकाई के कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर उनका आभार जताया। तिवारी ने कहा, 'नरोत्तम मिश्रा बहुत वरिष्ठ नेता और मेरे मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा है कि वह पार्टी और मेरे लिए प्रचार करेंगे।'

नरोत्तम मिश्रा के समर्थन में इस्तीफे

भाजपा सूत्रों के अनुसार, टिकट वितरण से नाराज जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। वहीं समर्थकों का दावा है कि कुछ पार्षदों ने भी विरोधस्वरूप इस्तीफे सौंपे हैं। वहीं, मिश्रा के एक समर्थक बलराम ने कहा कि कुछ समर्थकों ने अपनी कमीज उतार दी और सड़क पर लेट गए जबकि अन्य ने धरना दिया। एक अन्य समर्थक ने कहा कि जब तक 'नरोत्तम दादा' को टिकट नहीं मिलेगा, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो वे पार्टी भी छोड़ देंगे।

अब टिकट नहीं बदला जाएगा: विजयवर्गीय

क्या टिकट बंटवारे के बाद बीजेपी में हुए विद्रोह को थामने के लिए पार्टी संगठन क्या उम्मीदवार बदलने का फैसला कर सकती है? इस सवाल पर मध्य प्रदेश सरकार में कैबिनेट मिनिस्टर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि टिकट घोषित होने के बाद उसे बदलने की पार्टी में कोई परंपरा नहीं रही है। हालांकि, ये सच है कि बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए बीजेपी ने एक दिन में ही अपना पार्टी कैंडिडेट बदला है।

बातचीत से मान जाएंगे मिश्रा?

विजयवर्गीय ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'भाजपा में लोकतंत्र है। पार्टी कार्यकर्ता अपनी अभिव्यक्ति करते हैं, लेकिन वे इतने अनुशासित हैं कि एक बार उनसे बैठकर बात कर ली जाएगी, तो सब मान जाएंगे और तिवारी भारी मतों से जीतेंगे। मैं अभी से इसकी भविष्यवाणी करता हूं। उन्होंने कहा कि वैसे उनकी मिश्रा से अभी बात नहीं हो सकी है, लेकिन वह भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं तथा पार्टी के निर्णय का सम्मान करेंगे।

बहुत लोग चुनाव लड़ने की तैयारी करते हैं, लेकिन सभी को टिकट नहीं मिल सकता। पार्टी का निर्णय सर्वोपरि है और उसका सब कार्यकर्ता पालन करेंगे। एक बार उम्मीदवार घोषित होने के बाद भाजपा में कभी परंपरा नहीं रही है कि टिकट बदला जाए। इसलिए मुझे नहीं लगता कि इस प्रकार टिकट बदलेगा।- कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री, मध्यप्रदेश सरकार

कांग्रेस विधायक को सजा मिलने से खाली हुई दतिया सीट

कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,500 से अधिक मतों से पराजित किया था। हालांकि, दिल्ली की एक अदालत ने इस वर्ष अप्रैल में धोखाधड़ी के एक मामले में भारती को तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई थी जिसके बाद वह विधायक के रूप में अयोग्य हो गए और दतिया सीट पर उपचुनाव कराना आवश्यक हो गया। बाद में भारती को जमानत मिल गई।

निर्वाचन आयोग ने हाल में दतिया समेत देश की तीन विधानसभा सीट पर उपचुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की थी। अन्य दो सीट बिहार और गुजरात में हैं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 30 जुलाई को मतदान होगा जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी।

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