Mayor Reservation Lottery: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का मेयर किस वर्ग का होगा, इस मामले में में लॉटरी जारी हो गई है। मुंबई में Open केटेगरी लॉटरी आई है। इसका मतलब यह है कि मुंबई का मेयर होने के लिए आरक्षण वाले नगर सेवक की जरूरत नहीं है। जानकारी के अनुसार बीएमसी की मेयर महिला होगी। बता दें कि आज (22 जनवरी 2026) मंत्रालय में मेयर का रिजर्वेशन लॉटरी के जरिए तय किया। यह प्रोसेस शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसाल की मौजूदगी में पूरा हुआ। इस दौरान 29 नगर निगमों के ड्रॉ के लिए भाजपा की ओर से महासचिव राजेश शिरवाडकर, ठाकरे गुट से मुंबई नगर निगम की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर, राष्ट्रवादी कांग्रेस से विधायक मनोज जमसुतकर और अजित पवार गुट से आनंद परांजपे मौजूद रहे।
महाराष्ट्र में 15 जनवरी को वोटिंग हुई थी। उसके बाद 16 जनवरी को नतीजे घोषित किए गए। इस ड्रॉ की वजह से अब कई नगर निगमों में किस पार्टी का मेयर होगा, यह तस्वीर साफ हो गई है। मुंबई की लॉटरी ओपन कैटेगरी में आने के बाद शिवसेना यूबीटी के चीफ उद्धव ठाकरे की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने मतगणना के बाद बयान दिया था कि भगवान की इच्छा हुई तो मेयर यूबीटी का बनेगा। उन्हें उम्मीद थी कि इस बार एसटी वर्ग का आरक्षण आ सकता है।
इन महानगर पालिकाओं में होंगे ओपन कैटेगरी के मेयर
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC), नवी मुंबई, वसई-विरार महानगर पालिका, भिवंडी-निज़ामपुर महागनगर पालिक, मीरा-भायंदर महानगर पालिका, पिंपरी-चिंचवड पुणे, नागपुर, नासिक, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड़ -वाघाला, अमरावती, परभणी, मालेगांव, सोलापुर, धुले, सांगली - मिराज - कुपवाड महानगर पालिका में ओपन कैटेगरी के मेयर चुने जाएंगे।
यहां होंगे अनुसूचित जाति के मेयर
ठाणे (महिला या पुरुष), कल्याण-डोंबिवली (पुरुष), लातूर (महिलाएं), और जालना (महिलाएं) अनुसूचित जाति की मेयर होंगी।
यहां होंगे OBC के मेयर
अहिल्यानगर (महिला), अकोला (महिला), चंद्रपुर (महिला), जलगांव (महिला), कोल्हापुर (महिला या पुरुष), इचलकरंजी (महिला या पुरुष), पनवेल (महिला या पुरुष), उल्हासनगर (महिला या पुरुष) मेयर होंगे।
रोटेशन सिस्टम से फाइनल होता है मेयर का पद
आरक्षण की प्रक्रिया चक्रीय प्रणाली यानी रोटेशन सिस्टम पर आधारित है। इसका मतलब यह है कि जिन नगर निगमों में पिछली बार जिस श्रेणी के लिए आरक्षण था, उस श्रेणी को इस बार बाहर रखा जाता है। बाकी श्रेणियों के विकल्प रखे जाते हैं। आरक्षण श्रेणियों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और ओपन वर्ग को किया गया है।
इसके साथ ही 50 प्रतिशत महिला आरक्षण का भी प्रावधान किया गया है। ड्रॉ की प्रक्रिया के तहत सभी आरक्षण श्रेणियों की पर्चियां सभी के सामने दिखाकर एक पारदर्शी बॉक्स में डाली गईं। इसके बाद एक पर्ची निकाली गई और उसी के आधार पर संबंधित नगर निगम के मेयर पद का आरक्षण घोषित किया गया। यह प्रक्रिया 29 नगर निगमों के लिए अलग-अलग की गई।