Bihar Assembly Election: दक्षिण बिहार जीतने का NDA ने बनाया मास्टर प्लान, महागठबंधन के गढ़ में नई रणनीति

बिहार में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, नामांकन का दौर खत्म हो चुका है और सभी पार्टियां प्रचार के रण में दम दिखा रही हैं। इस बार एनडीए ने अपने कमजोर पकड़ वाले दक्षिण बिहार में चुनाव जीतने के लिए नया मास्टर प्लान तैयार किया है। साहाबाद में 2020 और 2024 में मिले सबक से गठबंधन ने सीख लेते हुए चाल चली है।

Rajkumar Singh
अपडेटेड20 Oct 2025, 05:47 PM IST
बिहार में एनडीए गठबंधन के नेता
बिहार में एनडीए गठबंधन के नेता(HT)

बिहार विधानसभा चुनाव में तमाम पार्टियों के दिग्गज चुनाव प्रचार के रण में उतर चुके हैं। एनडीए गठबंधन ने अपने लिए कमजोर कहे जाने वाले शाहाबाद क्षेत्र में इस बार वापसी के लिए एक नया सियासी दाव चला है। साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव और साल 2024 के लोकसभा चुनाव में दक्षिण बिहार के इस क्षेत्र में एनडीए का प्रदर्शन खराब रहा था। एनडीए को अपने नए प्लान की मदद से इस बार, यहां खोई जमीन को वापस हासिल कर लेने की पूरी उम्मीद है।

दक्षिण बिहार में बदले क्षेत्रीय समीकरण

दक्षिण बिहार में फतह करने के लिए एनडीए ने जो सबसे पहली चाल चली वो है चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को गठबंधन में शामिल करना। ताकि जातीय समीकरण के लिहाज से पड़ने वाले वोट को अपने वाले में किया जा सके। एलजेपी और आरएलएम भले ही एनडीए में अपने बूते बहुत कुछ करने की स्थिति में नहीं नजर आ रे हों, लेकिन उनके चेहरे के सहारे समीकरण बदलने और सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को दुरुस्त करने की कोशिश की है।

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शाहाबाद में OBC और SC को साधने की कोशिश

आरएमएल प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा अनुसूचित जनजाति से आते हैं, इनके चेहरे पर इस वर्ग के मतदाताओं को लुभाया जा सकता है। इन इलाकों में लेफ्ट पार्टियों का प्रभाव नजर आता है, जो महागठबंधन में शामिल होकर चुनाव लड़ रही हैं। लेफ्ट पार्टियों के प्रभाव की काट के लिए एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा और चिराग पासवान पर दाव लगाया है।

जिले के हिसाब से सीटों का बटवारा

रोहतास जिले में 7 विधानसभा सीटें हैं लेकिन जिले की एक भी सीट पर बीजेपी चुनाव नहीं लड़ रही है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में रोहतास जिले की 5 सीटों पर जेडीयू ने उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन इस बार वो यहां की तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है। वहीं चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी को जिले में दो सीटें दी गई हैं।

एनडीए ने बक्सर में बनाई नई रणनीति

बक्सर जिले में चार विधानसभा सीटें हैं, जिसमें से एक ब्रह्मपुर सीट चिराग पासवान की पार्टी को दी गई है, जबकि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम को दिनारा और सासाराम विधानसभा सीट दी गई है। इन दोनों चेहरे के सहारे एनडीए की कोशिश बक्सर जिले के जातीय समीकरण को साधते हुए पिछली बार के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन करना है।

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भोजपुर में चिराग और कुशवाहा का असर

भोजपुर जिले में 7 विधानसभा सीटें हैं, जिनमें से पांच सीटों पर बीजेपी और दो सीटों पर जेडीयू ने उम्मीदवार उतारे हैं। भोजपुर के आसपास के जिलों की विधानसभा सीटों पर चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा को टिकट देकर एनडीए इनके चेहरे का सकारात्मक प्रभाव अपनी सीटों पर पड़ने की उम्मीद जता रही है।

दल बदलुओं को भी दिया पूरा सम्मान

एनडीए ने अपने लिए कमजोर कड़ी मानी जा रही कैमूर जिले में दल बदलुओं को भी पूरा सम्मान दिया है। गौरतलब है कि कैमूर जिले के आरजेडी विधायक भारत बिंद बीजेपी में शामिल हुए हैं। आरजेडी की एक और विधायक संगीता कुमारी भी आरजेडी छोड़ बीजेपी में शामिल हुई हैं। इन दोनों विधायकों को उन्ही की विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है। जबकि साल 2020 में बीएसपी की टिकट पर चुनाव जीतकर जेडीयू में शामिल हुए जमा खान को भी उनकी मौजूदा सीट से मैदान में उतारा गया है। जमा खान के साल 2020 में जेडीयू में शामिल होते ही नीतीश कुमार ने उन्हें मंत्री बना दिया था। साल 2024 के लोकसभा चुनाव में आरा और काराकाट में CPI(ML) ने जीत दर्ज की थी।

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