
क्या इस बार बिहार में जनसुराज की सरकार बनने जा रहा है, क्या बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में हुई 121 सीटों पर वोटिंग में प्रशांत किशोर की पार्टी को 65 सीटें मिलने जा रही हैं। ये सवाल इस लिए उठ रहे हैं क्योंकि सोशल मीडिया पर तैर रही कुछ तस्वीरें कुछ ऐसा ही दावा कर रही हैं। ऊपर से प्रशांत किशोर के दावे ने इस बार हुई बंपर वोटिंग को लेकर विचार करने का एक नया ऐंगल दे दिया है। प्रशांत किशोर का दावा है कि इस बार जो बिहार में ऐतिहासिक रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई है उसकी वजह महिला मतदाताओं की बंपर वोटिंग नहीं है, बल्कि छठ के समय घर आए प्रवासी मजदूरों का वोट है।
बिहार में पहली बार विधानसभा चुनाव के रण में उतरी जनसुराज पार्टी के मुखिया प्रशांत किशोर का दावा है कि इस बार प्रवासी मजदूरों ने बंपर वोटिंग की है। जिसकी वजह से बिहार में 1951 से लेकर आज तक हुई वोटिंग का रिकॉर्ड टूट गया है, पहली बार बिहार में 65 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है। प्रशांत किशोर का अपनी दलील के पीछे दावा है कि इस बार मतदान छठ के तुरंत बाद हो रहे हैं जिसकी वजह से छठ मनाने आए प्रवासी मजदूरों ने मतदान का इंतजार किया और उन्होंने मतदान किया। जिसकी वजह से मतदान प्रतिशत ने बिहार में इस बार तमाम रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं।
प्रशांत किशोर ने दावा किया कि अपने घर परिवार से दूर रहकर दूसरे प्रदेशों में नौकरी करने वाले प्रवासी मजदूरों ने जमकर मतदान किया है। जिसमें बड़ी संख्या में युवा मतदाता शामिल हैं। जनसुराज पार्टी के मुखिया का दावा है कि उनकी पार्टी के पक्ष में इन प्रवासी युवा मजदूरों ने मतदान किया है। पीके ने कहा कि पिछले 35 साल से बिहार के मतदाता बदलाव के लिए विकल्प का इंतजार कर रहे थे, लेकिन उन्हें विकल्प नजर नहीं आ रहा था। इस बार उन्हें जनसुराज के रूप में मजबूत विकल्प मिला है इस लिए उनके पक्ष में वोटिंग हो रही है। पीके ने कहा कि पहले 15 साल लालू राज और उसके बाद 20 साल तक नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार में राज किया लेकिन पलायन, बेरोजगारी और गरीबी जस की तस बनी हुई है।
बिहार चुनाव के दौरान राहुल गांधी द्वारा लगातार उठाए जा रहे वोट चोरी के मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने उन्हें नसीहत दे दी है। पीके ने कहा कि बिहार में वोट चोरी न तो कभी मुद्दा रहा है और न ही है। उन्होंने कहा कि इसे वहीं उठाएं जहां ये मुद्दा है। प्रशांत किशोर ने कहा कि सबको पता है कि बिहार में वोट चोरी का मुद्दा न कभी था, न है। राहुल गांधी विपक्ष के नेता के तौर पर बीजेपी से लड़ रहे हैं, लड़ें। लेकिन बिहार के लोगों को उससे कोई मतलब नहीं है। वहां जो कर रहे हैं करें, राहुल गांधी समझें, चुनाव आयोग समझें, नरेंद्र मोदी समझें, बिहार के लोगों को उससे कोई मतलब नहीं है। बिहार में विधानसभा चुनाव हैं। बिहार की जनता जानना चाहती है कि उन्हें बेहतर शिक्षा और रोजगार कब मिलेगा और राज्य की दुर्दशा कब सुधरेगी। इसका वोट चोरी से क्या लेना-देना?
जनसुराज के संस्थापक ने राहुल गांधी के अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी जमकर निशाना साध। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बिहार की जनता को आरजेडी के जंगलराज का डर दिखाकर वोट हासिल करना चाहते हैं। लेकिन अब उन्हें जमीनी स्थिति का सही आकलन नहीं हो रहा है। इस बार जो लोग बिहार में जंगलराज की वापसी से चिंतित थे, वे जन सुराज में एक विकल्प देख रहे हैं। लगे हाथ प्रशांत किशोर ने ये भी दावा किया कि पहले चरण में किसी भी एक शख्स ने दावा नहीं किया उसका नाम मतदाता सूची से कटा है। उन्होंने कहा कि जितने भी लोग बिहार के मतदाता हैं उन सभी का नाम मतदाता सूची में था।
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