बिहार की नई NDA सरकार में शामिल हुईं गोल्डन गर्ल श्रेयसी सिंह किसी साधारण राजनीतिक परिवार से नहीं आतीं। उनके पिता दिग्विजय सिंह केंद्र सरकार में रेलवे और वाणिज्य मंत्री रह चुके हैं, जबकि मां पुतुल कुमारी सांसद रहीं। वहीं दादा कुमार सुरेंद्र सिंह नेशनल राइफल एसोसिएशन के अध्यक्ष रहे। यानी खेल और राजनीति दोनों में उनकी जड़ें गहरी हैं। 2020 में BJP जॉइन करने के बाद श्रेयसी ने जमुई सीट से अपनी पहली पारी की शुरुआत की और RJD उम्मीदवार विजय प्रकाश को 41 हजार से अधिक वोटों से हराया। 2025 में उन्होंने इससे भी बड़ी जीत दर्ज की और 54,498 वोटों के अंतर से मोहम्मद शमशाद आलम को मात दी। उनकी लगातार दो भारी जीत ने BJP को उनके अंदर एक उभरती हुई राजनीतिक ताकत दिखाई, जो युवा और महिला नेतृत्व के लिए पार्टी की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई।
खेल में गोल्डन रिकॉर्ड और देश की शान
शूटिंग की दुनिया में श्रेयसी सिंह का नाम सम्मान के साथ लिया जाता है। डबल ट्रैप शूटिंग में उन्होंने भारत का कई बार नाम रोशन किया है। 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट) में गोल्ड, 2014 CWG (ग्लासगो) में सिल्वर, 2014 एशियन गेम्स में टीम ब्रॉन्ज और राष्ट्रीय चैंपियनशिप में कई मेडल उन्हें खेलों की सुपरस्टार सूची में शामिल करते हैं। वे अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित हैं और 2024 पेरिस ओलंपिक्स में बिहार की पहली शूटर बनीं। उनकी खेल उपलब्धियों, अनुशासन और लोकप्रियता को देखते हुए BJP लंबे समय से उन्हें शीर्ष नेतृत्व में लाने का मौका तलाश रही थी। 2025 की NDA लैंडस्लाइड जीत के बाद पार्टी ने महिला प्रतिनिधित्व को मज़बूत करने की रणनीति के तहत उन्हें कैबिनेट में जगह देकर बड़ा संदेश दिया है।
नीतीश कैबिनेट में एंट्री BJP की बड़ी राजनीतिक चाल
नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद बनी नई कैबिनेट में श्रेयसी की एंट्री को एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है। सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा जैसे दिग्गजों के साथ 26 मंत्रियों की सूची में उनका नाम शामिल होना यह बताता है कि पार्टी उन्हें भविष्य में बड़े नेतृत्व के रूप में तैयार कर रही है। BJP के भीतर यह भी माना जा रहा है कि जमुई और आसपास के इलाकों में उनकी लोकप्रियता NDA के सामाजिक समीकरण को और मजबूत करेगी। उनकी युवा छवि, खेल जगत में प्रतिष्ठा और राजनीतिक परिवार का अनुभव उन्हें एक प्रभावी चेहरा बनाता है। यही वजह है कि शपथ ग्रहण समारोह के बाद उनकी चर्चा सबसे ज्यादा हुई और राजनीतिक गलियारों में यह सवाल गूंज रहा है कि क्या BJP श्रेयसी को बिहार की फ्यूचर स्टार लीडर के रूप में तैयार कर रही है?