बिहार विधानसभा चुनावः चुनाव हुआ नहीं और हार गए तीन प्रत्याशी, एनडीए और महागठबंधन दोनों को झटका

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार गजब हो रहा है। सीटों पर समझौता हुआ नहीं बावजूद इसके महागठबंधन एकजुट है। मतदान होने में अभी वक्त बचा है और एनडीए-महागठबंधन दोनों के तीन प्रत्याशी चुनाव हार गए हैं। चिराग पासवान, मुकेश सहनी और तेजस्वी यादव बिहार की तीन विधानसभा सीटें बिना लड़े हार गए हैं।

Rajkumar Singh
अपडेटेड22 Oct 2025, 09:22 PM IST
तेजस्वी यादव और चिराग पासवान
तेजस्वी यादव और चिराग पासवान(HT)

बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के बीच कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट देखने को मिल रही है। जिसकी वजह से महागठबंधन को चुनाव नतीजों से पहले ही नुकसान की आशंका नजर आने लगी है। वहीं दूसरी तरफ बिहार विधानसभा की कुल 243 सीटों में से तीन ऐसी सीटें हैं जहां महागठबंधन और एनडीए दोनों गठबंधन को मिलाकर नुकसान तय हो गया है और वो भी विधानसभा चुनाव होने से पहले। जिन सीटों पर महागठबंधन और एनडीए को मतदान से पहले ही झटका लगा है उनमें मढ़ौरा, मोहनिया और सुगौली विधानसभा शामिल हैं।

मढ़ौरा में LJP(R) और एनडीए को झटका

बिहार विधानसभा चुनाव में मतदान से पहले सबसे पहला झटका लगा चिराग पासवान की पार्टी LJP(R) को, जब चिराग की पार्टी को झटका लगा मतलब एनडीए को भी जोर का झटका लगा। यानी एनडीए गठबंधन 243 विधानसभा सीटों में से एक सीट पर बिना चुनाव लड़े ही हार गया। मढ़ौरा विधानसभा सीट पर चिराग पासवान की पार्टी ने भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री सीमा सिंह को LJP(R) का प्रत्याशी बनाया था, लेकिन कुछ कागजों में गड़बड़ी पाए जाने पर उनका नामांकन रद्द कर दिया गया। इस सीट पर बीएसपी और दो निर्दलीय प्रत्याशियों का भी नामांकन रद्द हो गया था। चिराग पासवान की पार्टी 29 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी, लेकिन अब वो 28 सीटों पर मुकाबले में है।

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मोहनिया में तेजस्वी यादव को लगा झटका

जिस तरह मढ़ौरा में LJP(R) की प्रत्याशी सीमा सिंह का नामांकन रद्द हुआ, ठीक उसी तरह मोहनिया में आरजेडी प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन रद्द हो गया। भले ही श्वेता सुमन का पर्चा रद्द हुआ लेकिन ये सीधे-सीधे पार्टी के सीएम के चेहरे तेजस्वी यादव के लिए जोरदार झटका है। आरजेडी बिहार की 143 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी, लेकिन अब वो 142 सीटों पर मुकाबला करेगी। उसमें से भी कई सीटों पर महागठबंधन के प्रत्याशियों के साथ फ्रेंडली फाइट है।

नामांकन रद्द होने पर श्वेता सुमन ने इसे एनडीए की साजिश करार दिया। श्वेता सुमन यूपी की रहने वाली हैं और उनकी नागरिकता को लेकर सवाल उठ रहे थे। हालांकि, उनका कहना है कि वो पिछले 20 साल से बिहार में रह रही हैं। भले ही महागठबंधन में अभी आपसी मतभेद नजर आ रहे हों, लेकिन सरकार बनाने का सपना देख रही महागठबंधन की सभी पार्टियों के लिए ये झटका है।

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सुगौली में मुकेश सहनी को बड़ी चोट!

सुगौली विधानसभा सीट पर भी महागठबंधन को जोरदार झटका लगा है। यहां मुकेश सहनी की पार्टी VIP यानी विकासशील इंसान पार्टी के उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो गया है जो महज 15 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने वाली VIP के लिए बड़ा झटका है।

ऊपर से इन 15 सीटों में से भी सिर्फ 9 सीटें ही महागठबंधन की तरफ से मुकेश सहनी की पार्टी को मिली थी। यानी 6 सीटों पर उन्हें प्रमुख विपक्षी दलों से पहले फ्रेंडली फाइट का सामना करना पड़ेगा। मुकेश सहनी ने शशि भूषण सिंह को मैदान में उतारा था लेकिन आधे-अधूरे दस्तावेज होने की वजह से उनका नामांकन रद्द हो गया। इस तरह से महागठबंधन को चुनाव लड़ने से पहले बिहार की कुल 243 सीटों में से दो सीटों पर जोरदार झटका लगा।

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