Bihar Election: महागठबंधन में खुल गई मतभेद की गांठ, तेजस्वी होंगे मुख्यमंत्री का चेहरा, सहनी सीएम फेस

महागठबंधन में मतभेद की गांठ सुलझ गई है। इस बात का संकेत साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके महागठबंधन के घटक दलों ने दिया। मतदाताओं के बीच एकजुटता का संदेश देने के साथ ही एनडीए गठबंधन पर मनोवैज्ञानिक बढ़त बनाने की भी पुरजोर कोशिश की। पीसी के दौरान तेजस्वी यादव फ्रंटफुट पर खेलते नजर आए।

Rajkumar Singh
अपडेटेड23 Oct 2025, 04:22 PM IST
तेजस्वी यादव
तेजस्वी यादव(HT)

राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के पर्यवेक्षक अशोक गहलोत ने पटना पहुंचे और महागठबंधन के नेताओं के साथ बातचीत की। उसके बाद महागठबंधन के सभी दलों की मौजूदगी में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। जिसमें अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया। उन्होंने लगे हाथ चुनाव जीतने के बाद मुकेश सहनी को डिप्टी सीएम बनाने की भी घोषणा कर दी। गठबंधन के सभी दलों के प्रमुख नेताओं ने अपने विचार रखे। आखिर में तेजस्वी यादव को मौका मिला और उन्होंने आक्रामक तरीके से अपनी बात मीडिया के सामने रखी। तेजस्वी ने बता किया कि वो इस बार का विधानसभा चुनाव किस तरीके से लड़ने जा रहे हैं।

एनडीए की धार कुंद करने की कोशिश

अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया। उसके बाद बारी तेजस्वी यादव की थी, उन्होंने माइक थामा और एक-एक कर हर उस मुद्दे पर जोरदार तरीके से एनडीए को धकेलने की कोशिश की। जिसको लेकर एनडीए गठबंधन आरजेडी और महागठबंधन को गठघरे में खड़ा करता है। तेजस्वी ने कहा कि महागठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किया जा चुका है। लेकिन एनडीए की तरफ से अभी किसी को अपना नेता नहीं घोषित किया गया है।

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जंगलराज पर जमकर बरसे तेजस्वी

जिस जंगलराज का नाम लेकर एनडीए लालू परिवार, आरजेडी और महागठबंधन को कठघरे में खड़ा करता है, उस मुद्दे को तेजस्वी यादव ने हाईजैक करने की पुरजोर कोशिश की। एक तरफ तेजस्वी ने नीतीश कुमार की सरकार में कानून व्यवस्था की बदतर स्थिति का आरोप लगाया, दूसरी तरफ जनता को दमदार तरीके से ये भरोसा दिलाने की कोशिश की कि आरजेडी के पुराने शासनकाल की परछाई भी उनकी सरकार में नजर नहीं आएगी।

नीतीश का राज है जंगलराज- तेजस्वी

जंगलराज, हत्या, डकैती, लूटपाट, अपहरण इन मुद्दों को एनडीए 20 साल से बिहार में खूब भुनाता रहा है। अब इन्ही मुद्दों को लेकर आक्रामक तरीके से तेजस्वी यादव मैदान में उतरने वाले हैं। जिसकी बानगी महागठबंधन के संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में देखने को मिली। जहां से तेजस्वी यादव ने एक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि बच्ची को लेकर परिजन अस्पताल ले गए लेकिन उसका इलाज नहीं किया गया और उस बच्ची ने दम तोड़ दिया, यही जंगलराज है। तेजस्वी ने कहा कि राजधानी पटना में सरेआम हत्याएं हो रही हैं, विधानसभा के पास, सीएम आवस पर खुद मेरे आवास के बाहर फायरिंग की जाती है, ये असली जंगलराज है।

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"मेरी परछाई भी कानून तोड़ेगी तो उसको सजा मिलेगी"

तेजस्वी यादव ने लालू-राबड़ी शासनकाल की परछाई से पूरी तरह निकलने की कोशिश शुरू कर दी है। तेजस्वी ने दमदार तरीके से कहा कि उनकी सरकार बनने के बाद किसी भी आपराधिक प्रवृत्ति के शख्स को नहीं बख्शा जाएगा। चाहे वो कितना भी बड़ा और रसूख वाला हो। तेजस्वी ने कहा कि उनकी परछाई भी अगर किसी अपराध में संलिप्त पाई जाती है तो उसे भी सजा दिलाई जाएगी।

अनपढ़ और अनुभवहीन होने के आरोपों पर जवाब

एनडीए की तरफ से तेजस्वी यादव की शिक्षा,उनके राजनीति में अनुभव और 90 के दशक के लालू-राबड़ी राज का हवाला देकर घेरता है। जिसके जवाब में तेजस्वी यादव ने कहा कि वो युवा हैं, उनके पास युवाओं की टीम है, नया बिहार बनाने का विजन है। लालू राज में उद्योग धंधे और रोजगार बंद होने के आरोपों की धार भी तेजस्वी ने कुंद करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 20 साल के शासनकाल में नीतीश कुमार ने बिहार के लिए कुछ नहीं किया। आज भी बिहार गरीब है, अशिक्षा, बेरोजगारी, शिक्षा के घटिया स्तर की समस्या से जूझ रहा है। इन तमाम समस्याओं से बिहार को बाहर निकालने का उनके पास रोडमैप है, जिसको वो जल्दी ही साझा करेंगे।

भ्रष्टाचार, अफसरशाही को लेकर बरसे तेजस्वी

तेजस्वी ने कहा कि 20 साल में आय के मामले में बिहार फिसड्डी है, अपराध चरम पर है। 70 हजार से ज्यादा हत्याएं हुईं ना सुनवाई हुई ना कार्रवाई हुई। किसी भी सरकारी कार्यालय में बिना घूस दिए सुनवाई नहीं हो रही है। सीएजी की रिपोर्ट में 70 हजार करोड़ का घोटाला हुआ। लगातार घोटाले पर घोटाला हो रहा है। चूहा बांध काटकर गिरा दे रहा है, चूहा थाने में करोड़ों लीटर शराब पी जा रहा है। कहीं लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है। पटना की सड़कों पर गोलियां चल रही हैं। मुख्यमंत्री आवास के बाहर मेरे घर के बाहर, सचिवालय के बाहर गोलियां चल रही हैं।

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अपने चुनावी वादे को तेजस्वी ने दोहराया

तेजस्वी यादव ने महिलाओं को 2500 रुपये देने, जीविका दीदियों को स्थाई नौकरी, 30 हजार वेतन, अतिरिक्त काम के बदले 2000 रुपये का भत्ता, दो साल तक के लिए ब्याज मुक्त कर्ज और पांच लाख रुपये का बीमा करवाने वाला वादा दुहराया। संविदा कर्मचारियों को स्थाई नौकरी देने का वादा याद दिलाया। मां योजना के तहत मकान, अनाज और आजीविका सुनिश्चित करने का वादा फिर किया। लगे हाथ तेजस्वी ने नीतीश सरकार पर उनकी योजनाओं की नकल करने का आरोप लगाया। तेजस्वी ने कहा कि महिला पेंशन, 30 प्रतिशत स्थानीय महिलाओं को नौकरी, मुफ्त बिजली वाली तमाम योजनाओं को उनकी नकल बताया।

तो इस तरह से तेजस्वी ने एकजुट एनडीए के चुनाव लड़ने का संकल्प दुहराया। एकजुटता के साथ बिहार के लिए विजन का ब्लू प्रिंट प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए रखा। कुल मिलाकर उन तमाम मुद्दों पर तेजस्वी ने दमदार तरीके से खुद को पेश करने की कोशिश की,जिसको लेकर एनडीए उन्हें बैकफुट पर धकेलने की कोशिश करता है। अब बारी एनडीए की है वो तेजस्वी के इस आक्रामक तेवर की धार कैसे कुंद करता है।

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