
बिहार का सीवान जिला, वैसे तो इसकी पहचान देश के पहले राष्ट्रपति डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद की धरती के नाम से होती थी। लेकिन आज के दौर में देश के हर कोने में अगर कोई सीवान का नाम जानता है तो शहाबुद्दीन की बदलौत। शहाबुद्दीन अब इस दुनिया में नहीं हैं। लेकिन आज भी इस धरती को बाहुबली, खौफ और आतंक की पहचान रहे शहाबुद्दीन के नाम से ही जाना जाता है। बिहार में इस समय प्रचार का शोर चरम पर है। एनडीए की तरफ से तमाम दिग्गज नेता दम दिखा रहे हैं। लेकिन बीजेपी की नजर इस बार आरजेडी का किला कहे जाने वाले सीवान पर है और चर्चा में शहाबुद्दीन आ गए हैं। दरअसल शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा यहां से चुनाव लड़ रहा है और उसे टिकट दिया है लालू यादव ने, जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा वायरल हुई थी।
शहाबुद्दीन के जाने का बाद भी उसके बाहुबल का रसूख कहिए या शहाबुद्दीन परिवार से लालू यादव का पुराना प्रेम पार्टी ने इस बार अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटकर ओसामा को प्रत्याशी बनाया है। सीवान जिले के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से इस वक्त हरिशंकर यादव आरजेडी के विधायक हैं, वो यहां से लगातार दो बार से जीतते आ रहे थे। रघुनाथपुर आरजेडी का गढ़ मानी जाती है इसके बावजूद पार्टी ने ओसामा को मैदान में उतारा है। इससे पहले साल 2020 में भी आरजेडी ने शहाबुद्दीन की पत्नी हिसा शहाब को रघुनाथपुर से चुनाव लड़ने का ऑफर दिया था। लेकिन उन्होंने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।
सीवान जिले में वैसे तो 8 विधानसभा सीटें हैं, लेकिन रघुनाथपुर सबसे हॉट सीट बनी हुई है। इसके अलावा सीवान जिले की कुल 8 विधानसभा सीटों में से सिर्फ दो सीटें बीजेपी के पास हैं, बाकी 6 सीटों पर इस वक्त महागठबंधन का कब्जा है। चार सीटों पर आरजेडी और दो सीटों पर लेफ्ट के विधायक हैं। इसी आंकड़े को देखते हुए बीजेपी ने सीवान के किले को फतह करने का जिम्मा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ को दिया है। बीजेपी के फायर ब्रांड नेता और कट्टर हिन्दु छवि रखने वाले सीएम योगी ने शहाबुद्दीन के गढ़ रघुनाथपुर में हुकार भरी, जहां से शहाबुद्दीन का बेटा ओसामा चुनाव लड़ रहा है। योगी ने सीवान में शहाबुद्दीन के आतंक का जिक्र करते हुए तेजाब कांड से लेकर अपहरण, फिरौती, व्यापारियों से रंगदारी वसूलने समेत तमाम मुद्दों का जिक्र किया। साथ ही इसमें हिन्दुत्व का तड़का लगाते हुए कहा कि रघुनाथपुर विधानसभा सीट का नंबर 108 है जो सनातन धर्म में शुभ माना जाता है। लिहाजा इस सीट पर तो एनडीए को ही जीतना चाहिए।
सीवान जिले में एक तरफ बीजेपी आरजेडी के इस किले में सेंध लगाना चाहती है, तो वहीं दूसरी तरफ हैदराबाद वाले असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM जिले में सीधे-सीधे आरजेडी की मुश्किल बढ़ा रही है। दरअसल सीवान जिले में 22 प्रतिशत मुस्लिम आबादी है और ओवैसी की नजर इसी 22 प्रतिशत वोट बैंक पर है। ओवैसी की पार्टी AIMIM ने पहली बार सीवान में अपना उम्मीदवार उतारा है, AIMIM ने सीवान शहर विधानसभा सीट से मोहम्मद कैफ को अपना प्रत्याशी बनाया है। इस तरह ओवैसी के उम्मीदवार आरजेडी के उम्मीदवार और पार्टी के पुराने कद्दावर नेता रहे अवध बिहारी चौधरी की मुश्किल बढ़ाएंगे। जिनका मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार और बिहार सरकार के कद्दावर मंत्री मंगल पांडेय से है।
सीवान में आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन की मुश्किल ओवैसी की पार्टी AIMIM के अलावा प्रशांत किशोर भी बढ़ा रहे हैं। पीके के पार्टी जन सुराज ने जिले की तीन विधानसभा सीटों रघुनाथपुर, दरौंदा और गोरेयाकोठी में अपने उम्मीदवार उतारे हैं। इस तरह से जन सुराज ने रघुनाथपुर में शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा की मुश्किल बढ़ा दी है। जिनका मुख्य मुकाबला एनडीए की तरफ से जेडीयू की टिकट पर चुनाव लड़ रहे विकास कुमार सिंह उर्फ जीशु सिंह से बताया जा रहा है। इस सीट पर एनडीए की जीत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के अलावा यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ जोर लगा रहे हैं।
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.