बिहार विधानसभा चुनाव में जीत के लिए तमाम पार्टियां जोर लगा रही हैं, पार्टियों से लेकर प्रत्याशी तक पानी की तरह पैसा बहा रहे हैं। बिहार में पहले चरण में हो रहे विधानसभा चुनाव में 121 सीटों पर कुल 1303 प्रत्याशी हैं जिनमें से 519 यानी 40 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में एक ऐसा भी प्रत्याशी दाव आजमा रहा है जिसकी पत्नी आंगनबाड़ी में सेविका हैं और उनके बैंक अकाउंट में पांच हजार रुपये जमा हैं। जबकि उनके पास कैश के नाम पर 20 हजार रुपये हैं वो भी पैसे इन्होंने चुनाव लड़ने के लिए चंदा जोड़कर जुटाए हैं और बाइक पर बैठकर अपना चुनाव प्रचार कर रहे हैं, जनसंपर्क कर रहे हैं।
बिहार चुनाव में सबसे गरीब उम्मीदवार!
बिहार विधानसभा चुनाव में एक से बढ़कर एक करोड़पति उम्मीदवार दांव आजमा रहे हैं, इन्हीं लोगों के बीच एक ऐसा भी प्रत्याशी है जिनके बैंक अकाउंट में कुल जमा महज पांच हजार रुपये हैं और पत्नी आंगनबाड़ी सेविका हैं। इस प्रत्याशी का नाम है कयामुद्दीन अंसारी, इन्होंने अपना नामांकन भरते वक्त जो अपने बारे में ब्यौरा चुनाव आयोग को दिया है उससे इनकी संपत्ति का खउलासा हुआ है। इनके पास न दौलत है, न रसूख, ना संपत्ति है ना कारोबार।
आरा विधानसभा सीट से लड़ रहे चुनाव
कयामुद्दीन अंसारी इस बार आरा विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में भाग्य आजमा रहे हैं। इन्हें महागठबंधन की तरफ से CPI(ML) ने अपना प्रत्याशी बनाया है। 50 साल के कयामुद्दीन अंसारी वैसे तो मुसलमान हैं, लेकिन मुसलमान में भी वो अति पिछड़ा वर्ग से आते हैं यानी पसमंदा मुसलमान हैं, जिन्हें मुस्लिम समाज में सबसे गरीब तबके का माना जाता है। हालांकि कयामुद्दीन अंसारी राजनीति में नए नहीं हैं वो पहसे भी दांव आजमा चुके हैं।
बीजेपी को दे चुके हैं कड़ी टक्कर
कयामुद्दीन इससे पहले साल दो बार आरा विधानसभा सीट से ही चुनाव लड़ चुके हैं और दोनों बार इन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि पिछली बार साल 2020 में कयामुद्दीन अंसारी ने बीजेपी उम्मीदवार को कड़ी टक्कर दी थी। उस वक्त कयामुद्दीन बीजेपी प्रत्याशी अमरेंद्र प्रताप सिंह के हाथों महज 3002 वोटों से चुनाव हारे थे। इस बार साल 2025 के विधानसभा चुनाव में उनका मुकाबला बीजेपी उम्मीदवार संजय सिंह टाइगर से है। इसके अलावा प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज से एक और दिग्गज डॉक्टर विजय कुमार गुप्ता भी आरा विधानसभा सीट से मुकाबला त्रिकोणीय बनाने का दावा कर रहे हैं।
कयामुद्दीन अंसारी के पास आय के श्रोत नहीं!
रोजगार या नौकरी के नाम पर कयामुद्दीन अंसारी के पास कुछ नहीं है, लेकिन उनकी पत्नी खुश्बू आंगनबाड़ी सेविका हैं। पढ़ाई की बात करें तो कयामुद्दीन ने जैन कॉलेज से एमएचडी की डिग्री हासिल की है इसके अलावा आरा से उर्दू में एमए की डिग्री भी हासिल की है। कयामुद्दीन चुनाव लड़ने के लिए लोगों से चंदा मांग रहे हैं और चंदे में मिले पैसे से वो बाइक पर बैठकर अपना चुनाव प्रचार कर रहे हैं।