Bihar Election: इस बार दाव पर चिराग, जीतनराम, कुशवाहा और सहनी का भविष्य, वजूद बचाने की भी लड़ाई!

बिहार विधासभा चुनाव में इस बार बहुत सारी पार्टियों का बहुत कुछ दाव पर लगा है। बीजेपी,जेडीयू, आरजेडी और कांग्रेस का तो ठीक है। लेकिन चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश सहनी जैसे नेताओं का राजनीतिक भविष्य इस बार दाव पर लगा है।

Rajkumar Singh
अपडेटेड21 Oct 2025, 09:18 PM IST
चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा
चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा(HT)

ये बात किसी से छिपी नहीं है कि बिहार में दशकों से चुनाव जातीय समीकरण को ध्यान में रखते हुए होते रहे हैं। जातियां ही राजनीतिक पार्टियों का भविष्य तय करती रही हैं। नतीजा ये कि हुआ कि हर जाति का एक क्षेत्रीय छत्रप बिहार में पैदा हो गया और अनेको बार ऐसे समीकरण बने की इन छोटी पार्टियों के छत्रप सरकार बनाने और गिराने में अहम भूमिका निभाने लगे। बिहार में भी जातियों के नाम पर बहुत सारी पार्टियां हैं, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, उपेंद्र कुशवाहा और मुकेश सहनी जैसे नेता इसका जीता जागता उदाहरण हैं। इस बार का चुनाव इन नेताओं की राजनीति और इनकी पार्टी का भविष्य भी तय करने जा रहा है

चिराग पासवान की पार्टी LJP(R)

चिराग पासवान इस बार एनडीए गठबंधन में शामिल होकर विधानसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी पार्टी 29 सीटों पर मैदान में उतरी है। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में चिराग ने एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था। उन्होंने 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे लेकिन जीत सिर्फ एक सीट पर मिली थी। इस तरह से उनकी पार्टी के वजूद पर संकट मंडराने लगा था। लेकिन लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 6 सीटों पर जीत दर्ज की और उनकी पार्टी को संजीवनी मिल गई। 6 लोकसभा सीटें दिखाकर ही चिराग ने इसबार एनडीए में 29 सीटें हासिल की है। लेकिन इस बार का चिराग पासवान की पार्टी का प्रदर्शन तय करेगा कि भविष्य में उनका राजनीतिक करियर कौन सा मोड़ लेता है।

यह भी पढ़ें | बाहुबलियों के प्रभाव से अछूता नहीं 2025 का चुनाव, चुनावी दंगल में ये 8 दबंग!

जीतन राम मांझी की पार्टी HAM

बिहार के एक्सिडेंटल मुख्यमंत्री बने जीतनराम माझी की पार्टी HAM यानी हिन्दुस्तान अवाम मोर्चा का भी इस बार सब कुछ दाव पर लगा है। मुसहर जाति से आने वाले मांझी ने एनडीए के साथ साल 2020 के विधानसभा चुनाव में 7 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 4 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इस बार मांझी को पिछली बार के मुकाबले एक सीट कम यानी 6 सीटें मिली हैं। जीतनराम मांझी की मुसहर जाति में अच्छी पकड़ मानी जाती है। साल 2020 में मांझी की पार्टी को करीब डेढ़ प्रतिशत वोट मिले थे और उन्हें 3 लाख 75 हजार वोट हासिल हुए थे। इस बार मांझी की पार्टी के प्रदर्शन पर उनका और उनकी पार्टी दोनों का भविष्य तय होगा। उम्र का ये पड़ाव भी उनकी राजनीति और उनकी पार्टी के लिए चिंता का विषय है।

उपेंद्र कुशवाहा और RLM का क्या होगा?

मांझी की तरह उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM को भी इस बार एडीए गठबंधन में 6 विधानसभा सीटें मिली हैं। RLM की पहली और आखिरी खूबी यही है कि पार्टी के मुखिया कुशवाहा जाति से आते हैं। गैर ओबीसी और गैर यादव जाति के वोटरों में एक सीमित क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उपेंद्र कुशवाहा 6 सीटों पर मानने को तैयारी नहीं थे। अंतिम समय में उन्होंने दिल्ली जाकर अमित शाह से मुलाकात की थी और बताया जाता है कि इस बार भी राज्यसभा का टिकट के आश्वासन पर वो 6 सीटों पर राजी हुए हैं। साल 2020 के विधानसभा चुनाव में वो तीसरे मोर्चे का हिस्सा थे। उनकी पार्टी ने 104 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सके थे। इसबार ऐसी स्थिति दुहराने की स्थिति में उनकी और उनकी पार्टी दोनों की राजनीति पर सवाल उठने लगेंगे।

यह भी पढ़ें | मोतिहारी में सासाराम पार्ट-टू तो नहीं होने वाला है?

सहनी की VIP का क्या होगा?

कभी एनडीए के साथ रहने वाले मुकेश सहनी इस बार महागठबंधन के साथ हैं। उन्होंने 15 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। हालांकि शुरुआत में वो 60 सीटों के साथ जीतने पर उपमुख्यमंत्री की कुर्सी के आश्वासन पर अड़े थे। मुकेश सहनी ने साल 2020 के विधानसभा चुनाव में 11 सीटों पर चुनाव लड़ा था और सिर्फ चार सीटों पर जीत दर्ज की थी। मल्लाह जाति से आने वाले मुकेश सहनी का मिथिला में प्रभाव देखने को मिलता है। इस बार मुकेश सहनी का प्रदर्शन ना सिर्फ उनकी पार्टी का भविष्य तय करेगा बल्कि महागठबंधन की दशा और दिशा भी काफी हद तक तय करेगा। दरअसल जिस इलाके में मुकेश सहनी का प्रभाव है ECB वर्ग की सबसे ज्यादा आबादी इसी क्षेत्र में है। ऐसी स्थिति में अगर जातीय कार्ड फेल हो जाता है तो मुकेश सहनी की राजनीति की दशा और दिशा दोनों बदल सकती है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ElectionBihar Election: इस बार दाव पर चिराग, जीतनराम, कुशवाहा और सहनी का भविष्य, वजूद बचाने की भी लड़ाई!
More
बिजनेस न्यूज़ElectionBihar Election: इस बार दाव पर चिराग, जीतनराम, कुशवाहा और सहनी का भविष्य, वजूद बचाने की भी लड़ाई!