Alinagar Assembly Seat News: मैथिली ठाकुर के राजनीति में उतरने पर मिथिलांचल में उत्साह तो है, लेकिन पार्टी के अंदर से ही विरोध के तेज सुर सामने आए हैं। मैथिली के फैसले के समर्थन और विरोध में खड़े लोग सोशल मीडिया पर अपनी भावनाओं का इजहार कर रहे हैं। इन सबसे इतर मैथिली ठाकुर की असल चुनौती उनके चुनाव क्षेत्र अलीगनर में देखने को मिल रही है जहां स्थानीय पार्टी नेता और कार्यकर्ता मैथिली ठाकुर का आना पार्टी में पैराशूट एंट्री का उदाहरण बता रहे हैं।
अलीनगर के सभी 7 मंडल अध्यक्ष मैथिली की एंट्री से नाराज
अलीनगर के बीजेपी नेता और कार्यकर्ता स्थानीय नेताओं की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। इनका आरोप है कि एक-एक बूथ को मजबूत करने वाले कार्यकर्ताओं और जमीन पर काम करने वाले नेताओं की अनदेखी की गई है। तारडीह पूर्व के मंडल अध्यक्ष पुरुषोत्तम झा, तारडीह पश्चिम के मंडल अध्यक्ष पंकज कंठ, घनश्यामपुर पूर्व के मंडल अध्यक्ष सुधीर सिंह, घनश्यामपुर पश्चिमी के मंडल अध्यक्ष चंदन कुमार ठाकुर, नगर मंडल के मंडल अध्यक्ष रणजीत कुमार मिश्रा, अलीनगर पश्चिमी के मंडल अध्यक्ष गंगा प्रसाद यादव और अलीनगर पूर्व के मंडल अध्यक्ष लाल मैथिली के विरोध में उतर आए हैं। एबीपी न्यूज पर प्रकाशित खबर के मुताबिक, ये सभी अभी भी संजय सिंह उर्फ पप्पू सिंह को टिकट देने की मांग कर रहे हैं।
पिछली बार वाआईपी के कोटे में गई थी अलीनगर सीट
अलीनगर विधानसभा सीट पर 2020 में वीआईपी के टिकट पर मिश्री लाल यादव ने जीत दर्ज की थी। उन्होंने आरजेडी के विनोद मिश्रा को 3,101 वोटों से हराया था। जिस संजय सिंह उर्फ पप्पू भैया के पक्ष में अलीनगर के बीजेपी कार्यकर्ता इस बार लामबंद होने का दावा कर रहे हैं, उन्होंने साल 2020 में पप्पू यादव की जन अधिकारी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ा था। तब उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। संजय सिंह को सिर्फ 9,737 वोट मिले थे।
जन सुराज पार्टी का मैथिली पर तंज
मैथिली के चुनाव मैदान में उतरते ही उनपर सियासी हमले शुरू हो गए हैं। जनसुराज पार्टी ने सोशल मीडिया X के जरिए मैथिली ठाकुर पर तंज कसा है। जनसुराज ने एक पोस्ट में तंज कसा, 'सुना है कि जब मैथिली ठाकुर जी के गांव वालों ने उन्हें छठ पूजा में गाने के लिए बुलाया, तो उन्होंने एक तय रकम की मांग की और कहा कि अगर उतनी राशि नहीं मिली, तो वह नहीं आएंगी। कहा जा रहा है कि वह सच में नहीं आईं। क्या इस बात में सच्चाई है?'
बेनीपट्टी से टिकट की थी उम्मीद
मैथिली मधुबनी जिले के बेनीपट्टी विधानसभा क्षेत्र की निवासी हैं और वो यहीं से टिकट भी चाहती थीं, लेकिन बीजेपी ने उनकी मांग नहीं मानी। मैथिली को भी उम्मीद थी कि उन्हें उनके गृहनगर से टिकट मिलेगा, लेकिन उन्हें अलीनगर से उम्मीदवार बनाया गया। मैथिली ठाकुर को बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने पार्टी में प्रवेश कराया था और बुधवार को पार्टी ने उन्हें प्रत्याशी घोषित कर दिया। मैथिली फिलहाल अपने माता-पिता और दो भाइयों के साथ दिल्ली के नजफगढ़ में रहती हैं।