ऊर्जा की दुनिया में अदाणी का 75 अरब डॉलर का बड़ा ऐलान, क्या सच में गुजरात बनेगा ग्लोबल पावर हाउस? पढ़ें पूरा अपडेट

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने घोषणा की है कि उनका समूह अगले पांच साल में ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में 75 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। गुजरात के खावड़ा में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क बनाया जा रहा है, जो 2030 तक 30 गीगावाट हरित ऊर्जा पैदा करेगा। 

Rishabh Shukla( विद इनपुट्स फ्रॉम भाषा)
अपडेटेड9 Dec 2025, 03:19 PM IST
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी

अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ऊर्जा परिवर्तन के क्षेत्र में बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि उनका समूह अगले पांच वर्षों में 75 अरब डॉलर से अधिक का निवेश करेगा। आज धनबाद स्थित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (इंडियन स्कूल ऑफ माइंस) के 100वें स्थापना दिवस समारोह में अदाणी ने कहा कि भारत को हरित ऊर्जा का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में यह निवेश निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि अदाणी समूह न केवल भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भी नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की तैयारी में है।

दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क

गौतम अदाणी ने बताया कि गुजरात के खावड़ा में 520 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में दुनिया का सबसे बड़ा नवीकरणीय ऊर्जा पार्क विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 2030 तक पूर्ण क्षमता पर पहुंचने के बाद यह पार्क 30 गीगावाट हरित ऊर्जा का उत्पादन करेगा। यह मात्रा औसतन हर साल छह करोड़ से अधिक घरों को बिजली उपलब्ध कराने के बराबर होगी। अदाणी के अनुसार अब तक 10 गीगावाट क्षमता स्थापित की जा चुकी है और यह परियोजना दुनिया में सबसे कम लागत पर हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने की दिशा में एक नया वैश्विक मानक स्थापित करेगी।

भारत की ऊर्जा खपत और वैश्विक तुलना

अपने संबोधन में अदाणी ने कहा कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा बिजली उपभोक्ता है, लेकिन प्रति व्यक्ति बिजली खपत अभी भी काफी कम है। उन्होंने बताया कि भारत में प्रति व्यक्ति सालाना बिजली खपत 1,400 किलोवाट घंटे से कम है; जो वैश्विक औसत का आधा, अमेरिका का दसवां हिस्सा और यूरोप का पांचवां हिस्सा मात्र है। अदाणी ने कहा कि भारत की विकास आकांक्षाओं को देखते हुए स्वच्छ और किफायती ऊर्जा की उपलब्धता बेहद जरूरी है।

कार्बन उत्सर्जन बहस पर अदाणी का जवाब

वैश्विक स्थिरता बहस पर बोलते हुए अदाणी ने हालिया COP-30 रिपोर्ट का हवाला दिया, जिसमें भारत की स्थिरता रैंकिंग को कोयला नीति के कारण घटाया गया। उन्होंने कहा कि भारत भले ही कुल कार्बन उत्सर्जन में तीसरे स्थान पर हो, लेकिन प्रति व्यक्ति उत्सर्जन दो टन से भी कम है, जबकि अमेरिका में यह 14 टन, चीन में नौ टन और यूरोप में छह टन है। उन्होंने यह भी कहा कि 200 वर्षों की औद्योगिक गतिविधियों में भारत की हिस्सेदारी केवल चार प्रतिशत रही है, जबकि विकसित देशों की जिम्मेदारी कहीं अधिक है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़मार्केटऊर्जा की दुनिया में अदाणी का 75 अरब डॉलर का बड़ा ऐलान, क्या सच में गुजरात बनेगा ग्लोबल पावर हाउस? पढ़ें पूरा अपडेट
More
बिजनेस न्यूज़मार्केटऊर्जा की दुनिया में अदाणी का 75 अरब डॉलर का बड़ा ऐलान, क्या सच में गुजरात बनेगा ग्लोबल पावर हाउस? पढ़ें पूरा अपडेट
OPEN IN APP