Adani Power NCD News: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी विवादों के बीच अडानी ग्रुप ने कॉर्पोरेट जगत को चौंका दिया है। अडानी ग्रुप की दिग्गज कंपनी अडानी पावर ने डोमैस्टिक मार्केट से 7,500 करोड़ रुपये की एक बड़ी कैपिटल जुटाने की तैयारी कर रही है। यह फंड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के माध्यम से जुटाया गया है। कंपनी ने यह ऐलान ऐसे समय किया है, जब अमेरिकी मार्केट रेगुलेटर ने अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी और उनके भतीजे सागर अडानी को समन भेजने के लिए अमेरिकी कोर्ट से मंजूरी मांगी है।
17 संस्थानों ने लगाया पैसा
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस फंड को जुटाने की प्रक्रिया में देश के लगभग 17 बड़े संस्थान शामिल हुए है। इसमें SBI म्यूचुअल फंड, ICICI Bank, एक्सिस बैंक, कोटक म्यूचुअल फंड और टाटा म्यूचुअल फंड जैसे बड़े नाम शामिल हैं। डेटा पर नजर डालें, तो SBI म्यूचुअल फंड ने सबसे ज्यादा 2,500 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसके बाद ICICI Bank ने 1,100 करोड़ रुपये और एक्सिस बैंक ने 1,000 करोड़ रुपये लगाए हैं। वहीं, कोटक और ICICI MF ने भी लगभग 500-600 करोड़ रुपये प्रत्येक का निवेश किया है। यह निवेश ऐसे समय आया है, जब शेयर बाजार में अडानी ग्रुप की लगभग सभी कंपनियां लाल निशान में बंद हुए हैं। शुक्रवार को बाजार में अडानी ग्रुप की सभी कंपनियों के मार्केट कैपिटल में लगभग 1.4 लाख करोड़ रुपये की कमी आई है।
कंपनी का फंडामेंटल मजबूत
दरअसल, अडानी पावर का फंडामेंटल स्ट्रक्चर काफी मजबूत माना जा रहा है। कंपनी के पास मौजूदा समय में 18 गीगावाट (GW) की पावर प्रोडक्शन कैपिसिटी है, जिसे साल 2032 तक बढ़ाकर 42 गीगावाट करने का लक्ष्य रखा गया है। मार्केट एनालिस्टों का कहना है कि बिजली की बढ़ती मांग और कंपनी के विस्तार की योजनाओं को देखते हुए, लॉन्ग टर्म में यह एक सुरक्षित दांव हो सकता है। कंपनी के कर्ज की स्थिति भी बराबर की अन्य कंपनियों के मुकाबले काफी बेहतर है। अडानी पावर का Net Debt-to-EBITDA रेश्यो लगभग 1.6x है, जबकि अन्य कंपनियों का यह आंकड़ा 4 से 5 के बीच रहता है।