
Unlisted Share Scam: शेयर बाजार में आईपीओ की शानदार लिस्टिंग ने अनलिस्टेड शेयरों की डिमांड को बढ़ा दिया है। लेकिन क्या ये मुनाफा कमाने का वाकई सही तरीका है? दरअसल, सोशल मीडिया प्लेफॉर्म एक्स पर ध्रुव सुयमप्रकाशम नाम के एक निवेशक ने जल्दी अमीर बनाने का सपना देखने वाले लोगों के लिए एक पोस्ट शेयर की है। इसमें उन्होंने अनलिस्टेड शेयरों को लेकर अपना एक्सपिरिएंस शेयर किया है।
घ्रुव ने अपने एक्स पोस्ट में कहा कि उन्हें इसी सप्ताह लिस्ट हुए ग्रो (Groww) के अनलिस्टेड शेयरों का ऑफर मिला था। इस ऑफर के तहत उन्हें 5000 शेयरों के लिए 125 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से 6.75 रुपये पेमेंट करने थे। लेकिन समय रहते उन्होंने इस डील से मना कर दिया। लिहाजा, लाखों के नुकसान से बच गए।
दरअसल, ध्रुव को ईमेल के जरिए ग्रो के अनलिस्टेड शेयरों का ऑफर मिला था। इसमें 25 सितंबर 2025 तक 6.75 लाख रुपये पेमेंट करने की बात कही गई थी। शुरुआत में ऑफर में किसी लॉक-इन पीरियड या छिपे कमीशन का जिक्र नहीं था। लेकिन जब ध्रुव ने सतर्कता बरतते हुए लॉक-इन के बारे में पूछा, तो सामने आया कि शेयरों पर 6 महीने का लॉक-इन है।
ऐसे में अगर ध्रुव इस डील को पूरा करते तो आईपीओ प्राइस 100 रुपये और लिस्टिंग प्राइस 114 रुपये के मुकाबले उन्हें शेयरों की कीमतें 35% अधिक देनी पड़ती। लिस्टिंग के पहले ही दिन 21 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से उन्हें नुकसान होता है। यानी 1.05 लाख रुपये का झटका लगता। ऊपर से 6 महीने तक लॉक-इन पीरिएड भी था। ऐसे वे इस अवधि तक शेयर बेच भी नहीं पाते।
घ्रुव ने अपनी पोस्ट में आगे कहा कि आज Groww के शेयर ओपन-मार्केट में लगभग 137 रुपये पर ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध हैं। वो भी बिना कोई लॉक-इन या कमीशन के। उनके इस पोस्ट ने एक बार फिर अनलिस्टेड शेयरों के रिस्क पर सवाल उठाए हैं। वहीं, एक्सपर्ट्स का कहना है कि इन शेयरों का प्राइस हाइप पर चलता है, न कि कंपनी के रियल वैल्यूएशन पर। इसके अलावा, लिक्विडिटी की भी कमी होती है, जिससे एक्जिट करना मुश्किल होता है।
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