
नई दिल्ली: चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) नतीजे घोषित हो रहे हैं। इन तिमाही नतीजों से विभिन्न क्षेत्रों की हालत का अनुमान लग रहा है। ब्रोकरेज फर्म एक्सिस सिक्यॉरिटीज ने बैंकिंग, फाइनैंशियल सर्विसेज और इंश्योरेंस (BFSI) सेक्टर की कई कंपनियों के नतीजे आ जाने के बाद कुछ शानदार शेयरों का चुनाव किया है।
एक्सिस ने बीएफएसआई सेक्टर की अपनी एनालिसिस रिपोर्ट में कहा है कि इस सेक्टर ने पहली तिमाही में अच्छा-खासा लोन बांटा है, सेक्टर से जुड़ी कंपनियों की एसेट क्वॉलिटी सुधरी है और कमाई बढ़ने का सिलसिला भी धीरे-धीरे जोर पकड़ रहा है। एक्सिस के मुताबिक, जो हाई क्वॉलिटी फाइनैंशियल बिजनेस मजबूती के संकते दे रहे हैं, उनमें सोच-समझकर निवेश करने का अभी अच्छा माहौल है।
एक्सिस की रिपोर्ट बताती है कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही बीएफसएसआई सेक्टर के लिए कुल मिलाकर अच्छा रही है। बड़े बैंकों के साथ-साथ छोटे बैंकों ने भी सालाना आधार पर 18 प्रतिशत तो तिमाही आधार पर 3 प्रतिशत का आकर्षक ग्रोथ हासिल की है। कॉर्पोरेट, एसएमई और कुछ खुदरा सेगमेंट्स में इनका कारोबार बढ़ा है। वहीं, मध्यम श्रेणी के बैंकों ने बड़े बैंकों को भी पीछे छोड़ दिया है। एनबीएफसी सेगमेंट ने तो और भी बेहतर प्रदर्शन किया है। इसका एयूएम 21 पर्सेंट सालाना दर से जबकि 5 पर्सेंट की तिमाही दर से बढ़ा है।
बीएफएसआई सेक्टर को इस तिमाही में कमजोर मार्जिन से ही संतोष करना पड़ा है क्योंकि उनकी फंडिंग में ज्यादा ग्रोथ कॉर्पोरेट सेगमेंट से आई है, सेक्टर ने प्राइसिंग का दबाव महसूस किया और डिपॉजिट रीप्राइसिंग से भी सीमित फायदे ही मिले। हालांकि, अच्छी फीस इनकम, ऑपरेटिंग खर्च में मामूली बढ़ोतरी और स्लिपेज पर नियंत्रण ने कमाई को सहारा दिया। क्रेडिट कॉस्ट में साल-दर-साल 50% से ज्यादा की गिरावट आई, जिससे हमारे कवरेज दायरे में शामिल कंपनियों की कमाई में साल-दर-साल लगभग 8% की बढ़ोतरी हुई।
गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) का प्रदर्शन और भी मजबूत रहा। एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में साल-दर-साल 21% और तिमाही-दर-तिमाही 5% की बढ़ोतरी हुई, जिसमें गोल्ड फाइनेंसर्स (57% YoY) और डाइवर्सिफाइड फाइनेंसर्स (24% YoY) सबसे आगे रहे। अच्छी NII ग्रोथ, स्थिर फंडिंग कॉस्ट और ऑपरेटिंग क्षमता ने प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट में साल-दर-साल 25% की बढ़ोतरी में मदद की, जबकि एसेट क्वालिटी में सुधार के कारण कमाई में साल-दर-साल 45% की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई।
डाइवर्सिफाइड फाइनेंशियल कंपनियों में, SBICARD की कमाई में काफी सुधार देखा गया क्योंकि क्रेडिट कॉस्ट कई तिमाहियों के निचले स्तर पर आ गई। SBILIFE ने एजेंसी और बैंकइंश्योरेंस चैनलों में अच्छी रफ्तार बनाए रखी, जबकि NAM-India को मार्केट शेयर बढ़ने और स्थिर यील्ड का फायदा मिला। कुल मिलाकर, Q1FY27 ने हमारी इस राय को और मजबूत किया कि फाइनेंशियल सेक्टर के बुनियादी आधार मजबूत बने हुए हैं।
एक्सिस ने सेक्टर के विस्तृत विश्लेषण के आधार पर कहा है कि नीचे दी गई कंपनियां कमाई की स्पष्टता, बैलेंस-शीट की मजबूती और मध्यम अवधि में ग्रोथ की संभावना का एक आकर्षक कॉम्बिनेशन पेश कर रही हैं। इन्हीं कारणों से ब्रोकरेज ने इन स्टॉक्स पर 'BUY' रेटिंग दी है।
| शेयर (Stocks) | रेटिंग (Rating) | वर्तमान बाजार मूल्य (CMP) | टारगेट प्राइस (TP) | संभावित रिटर्न |
|---|---|---|---|---|
| कोटक महिंद्रा बैंक लिमिटेड (Kotak Mahindra Bank Ltd) | खरीददारी (BUY) | ₹392.8 | ₹500 | 27% |
| आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड (ICICI Bank Ltd) | खरीददारी (BUY) | ₹1412.1 | ₹1,800 | 27% |
| स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (State Bank of India) | खरीददारी (BUY) | ₹1069.8 | ₹1,360 | 27% |
| फेडरल बैंक लिमिटेड (Federal Bank Ltd) | खरीददारी (BUY) | ₹352 . 55 | ₹400 | 13% |
| उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक (Ujjivan Small Finance Bank) | खरीददारी (BUY) | ₹72.45 | ₹86 | 19% |
| बजाज फाइनेंस लिमिटेड (Bajaj Finance Ltd) | खरीददारी (BUY) | ₹1087.4 | ₹1,305 | 20% |
| श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड (Shriram Finance Ltd) | खरीददारी (BUY) | ₹1122.1 | ₹1,230 | 10% |
| क्रेडिटएक्सेस ग्रामीण लिमिटेड (CreditAccess Grameen Ltd) | खरीददारी (BUY) | ₹1,555 . 20 | ₹1,900 | 22% |
नोट: वर्तमान बाजार मूल्य 14 अगस्त, 2026 दोपहर लगभग 2 बजे के हैं। रिटर्न पर्सेंटेज राउंड फीगर में हैं।
दरअसल, डिटेल्ड एनालिसिस के बाद एक्सिस BFSI के मीडियम-टर्म आउटलुक को लेकर पॉजिटिव है, क्योंकि स्ट्रक्चरल क्रेडिट डिमांड, बेहतर वितरण क्षमताएं और एसेट क्वॉलिटी का अच्छा आउटलुक इसे सपोर्ट कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, FY26-28E के दौरान 16% की चक्रवृद्धि दर से क्रेडिट ग्रोथ की उम्मीद है। जहां प्राइवेट बैंक अपने मार्जिन को बनाए रखने की कोशिश करेंगे। जहां तक बात मिड-साइज बैंकों की है तो उनके पास बेहतर पोर्टफोलियो और डिपॉजिट मिक्स के जरिए नेट इंट्रेस्ट मार्जिन (NIM में) 10-30bps की बढ़ोतरी की गुंजाइश है।
ब्रोकरेज ने कहा कि बेहतर प्री-प्रोविजन ऑपरेटिंग प्रॉफिट (PPOP) 21% की चक्रवद्धि दर से बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि उसे बैंकों की संचालन कुशलता के कारण नेट इंट्रेस्ट मार्जिन में उठापटक की आशंका नहीं दिख रही है। वहीं, लोन देने की लागत पर बेहतर नियंत्रण से FY26-29E के दौरान अर्निंग्स 16% की चक्रवृद्धि दर से बढ़ने की उम्मीद है। अनुमान है कि इन दोनों की वजह से ब्याज दरें कम रहेंगी जिससे शॉर्ट-टर्म प्रेसर को कम करने में मदद मिलेगी।
रिपोर्ट कहती है कि गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFCs) के मामले में FY26-29E के दौरान एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) में 21% की चक्रवृद्धि दर से बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। सोने के व्यापारियों को लोन देने वाले संस्थान 25-30% की लोन ग्रोथ का लक्ष्य रख रहे हैं, जबकि विभिन्न बिजनेसेज को फाइनेंस करने वाले 20% की ग्रोथ हासिल कर सकते हैं। रिपोर्ट में उम्मीद जताई गई है कि माइक्रोफाइनेंस ग्रोथ धीरे-धीरे फिर से बढ़ेगी क्योंकि यह सेगमेंट हाल की एसेट क्वॉलिटी से जुड़ी चुनौतियों से उबर रहा है।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। इसमें दिए गए विचार और सुझाव ब्रोकरेज फर्म एक्सिस सिक्यॉरिटीज के के हैं, मिंट हिंदी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि निवेश संबंधी कोई फैसला लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञ से सलाह लें, क्योंकि बाजार की स्थितियां तेजी से बदल सकती हैं और हालात अलग-अलग हो सकते हैं। मिंट हिंदी आपके किसी भी निर्णय और उसके परिणाम के लिए तनिक भी जिम्मेदार नहीं है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.