BHEL OFS: भारत सरकार ने PSU दिग्गज भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए ऑफर फॉर सेल यानी OFS खोला है। आज 12 फरवरी से रिटेल निवेशक इसमें आवेदन कर सकते हैं, जबकि 11 फरवरी को यह गैर-रिटेल निवेशकों के लिए खुला था।
कितनी हिस्सेदारी बिकेगी, कितनी रकम आएगी?
सरकार बेस ऑफर के तहत 3% हिस्सेदारी बेच रही है और साथ में 2% का ग्रीनशू ऑप्शन भी रखा गया है। 3% हिस्सेदारी की अनुमानित कीमत करीब ₹2,650 करोड़ बैठती है। अगर ग्रीनशू ऑप्शन पूरा इस्तेमाल हुआ तो सौदा करीब ₹4,422 करोड़ तक पहुंच सकता है।
यह पूरी तरह प्रमोटर स्टेक की बिक्री है। यानी जो पैसा आएगा वह कंपनी के पास नहीं, बल्कि सीधे सरकारी खजाने में जाएगा। BHEL की बैलेंस शीट और कर्ज पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। OFS से पहले सरकार की हिस्सेदारी 63.17% थी।
₹254 का फ्लोर प्राइस
OFS के लिए फ्लोर प्राइस ₹254 प्रति शेयर तय किया गया। घोषणा के समय यह बाजार भाव ₹276 के मुकाबले लगभग 8% का डिस्काउंट था। लेकिन खबर के बाद शेयर में गिरावट आई और कीमत करीब ₹260 तक फिसल गई, जिससे असल डिस्काउंट कम हो गया।
पिछले एक साल में BHEL का शेयर 30% चढ़ा है और छह महीनों में 18% की तेजी दिखी। हालांकि तीन महीनों में 4% और पिछले एक महीने में करीब 5% की गिरावट भी आई है। लंबी अवधि में इस स्टॉक ने 570% से ज्यादा का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
फटाफट मुनाफा या लंबी रेस का दांव?
विश्लेषकों की राय बंटी हुई है। कुछ का मानना है कि यह OFS उन निवेशकों के लिए ठीक नहीं जो लिस्टिंग डे पर त्वरित मुनाफा चाहते हैं।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज के डॉ. रवि सिंह के मुताबिक BHEL एक साइक्लिकल PSU स्टॉक है, डिफेंसिव प्ले नहीं। उनका कहना है कि दो से तीन साल का नजरिया रखने वाले धैर्यवान निवेशकों के लिए ही यह सही हो सकता है। वे यह भी सलाह देते हैं कि एकमुश्त रकम लगाने के बजाय बाजार से धीरे-धीरे खरीदारी करना बेहतर हो सकता है।
दूसरी तरफ जेएम फाइनेंशियल ने स्टॉक पर “Buy” रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज के मुताबिक ₹254 के स्तर पर शेयर FY28 की अनुमानित कमाई के लगभग 21 गुना पर ट्रेड कर रहा है, जबकि मौजूदा बाजार भाव पर यह करीब 23 गुना है। उनका टारगेट ₹355 है, जो मध्यम अवधि में अच्छे अपसाइड का संकेत देता है।
थर्मल पावर विस्तार पर दांव
ब्रोकरेज का भरोसा भारत की लंबी अवधि की थर्मल पावर योजना पर टिका है। 2047 तक देश 340 गीगावॉट कोयला आधारित क्षमता हासिल करना चाहता है। निर्माणाधीन परियोजनाओं और संभावित रिटायरमेंट को जोड़कर देखा जाए तो 170–180 गीगावॉट नई क्षमता की जरूरत रहेगी।
माना जा रहा है कि पुराने कम मार्जिन वाले प्रोजेक्ट्स के खत्म होने के बाद नए, ज्यादा मार्जिन वाले ऑर्डर से EBITDA मार्जिन FY25 के 4.4% से बढ़कर FY28 तक 10.7% तक जा सकता है।
BHEL का OFS उन निवेशकों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो लंबी अवधि तक टिके रह सकते हैं। तुरंत मुनाफा शायद न मिले, लेकिन भारत की ऊर्जा योजनाओं पर दांव लगाने वालों के लिए यह बड़ा अवसर हो सकता है।