Bihar Chunav Results 2025: बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 185 सीटों पर आगे चल रहा है, जबकि महागठबंधन सिर्फ 54 सीटों तक सिमटता दिख रहा है। एग्जिट पोल की भविष्यवाणी सटीक साबित हो रही है। भारी मतदान के बाद ज्यादातर सर्वे ने NDA को स्पष्ट बहुमत का अनुमान लगाया था। फिर भी यह जीत मार्केट का सेंटीमेंट बदल नहीं पाई है। सेंसेक्स 400 अंक से ज्यादा टूटकर 84,042.75 के लो लेवल पर पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 50 इंडेक्स भी आधा फीसदी गिरकर 25,751.70 तक फिसल गया। पिछले सेशन में दोनों फ्लैट टू पॉजिटिव बंद हुए थे।
ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट
भारतीय इक्विटी बाजार में गिरावट देखी जा रही है, लेकिन ग्लोबल समकक्षों के मुकाबले उसकी गिरावट मामूली है। बीते कल अमेरिकी मार्केट क्रैश हो गया। S&P 500 इंडेक्स में 1.7 फीसदी की गिरावट आई, जबकि नैस्डैक 2.3 फीसदी टूटकर बंद हुआ। एशियाई बाजारों में भी हाहाकार मचा है। जापान का निक्केई 1.77 फीसदी लुढ़का, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग 1.5 फीसदी टूटा गया। इसके अलावा, कोरिया का कोस्पी 3.60 फीसदी तक नीचे आ गया।
एक्सपर्ट ने कही ये बात
इन सबके बीच भारतीय बाजार ने मजबूती दिखाई। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, 'आज घरेलू बाजार एशियाई साथियों से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। अमेरिकी बाजार की कमजोरी को देखते हुए यह प्रदर्शन और भी सराहनीय है। वास्तव में, बिहार चुनाव परिणाम उम्मीद से बेहतर आए हैं। यदि ग्लोबल संकेत कमजोर न होते, तो हमें कहीं ज्यादा तेज रैली देखने को मिलती।'
मार्केट में रिकवरी के संकेत
मार्केट में रिकवरी के संकेत साफ दिख रहे हैं। दरअसल, मौजूदा वित्तीय वर्ष की दूसरी तिमाही के रिजल्ट बेहतर रहे और तीसरी तिमाही की अर्निंग्स में भी सुधार की संभावना है। बड़े शेयरों की वैल्यूएशन नीचे आई है और फॉरेन कैपिटल आउटफ्लो भी कम हुआ है। इसके बावजूद दो मुद्दे बाजार को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
ये दो कारण निवेशकों की बढ़ा रहे चिंता
पहला कारण भारत-अमेरिका ट्रेड डील में हो रही देरी है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद कहा था कि डील जल्द होने वाली है, लेकिन अब तक कोई ऑफिसियल ऐलान नहीं हुआ। ऐसे में निवेशक चिंतित है। वे बेसब्री से इस समझौते का इंतजार कर रहे हैं। दूसरा, वॉल स्ट्रीट में AI स्टॉक्स में बबल्स की आशंका है। ग्लोबल रिसेशन का असर घरेलू सेंटीमेंट पर भी पड़ रहा है।