Bar Election Result 2025 Impact on Stock Market: बिहार में विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को दूसरे चरण की वोटिंग खत्म हुई। अब सबकी निगाहें चुनावी नतीजों के लिए 14 नवंबर पर टिकी हुई हैं। एग्जिट पोल सामने आने लगे हैं। इनमें BJP-JDU वाली NDA की सरकार बनती हुई दिखाई दे रही है। वहीं, महागठबंधन काफी पीछे है। ज्यातर एग्जिट पोल्स NDA को 130-209 सीटें दे रहे हैं। 243 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत के लिए 122 सीटें चाहिए। दूसरी तरफ RJD, कांग्रेस और लेफ्ट वाले महागठबंधन को केवल 70 से 102 सीटें मिलती दिख रही हैं। बुधवार को इस खबर के साथ ही शेयर बाजार ने जोरदार रैली देखी। सेंसेक्स 600 अंकों से ज्यादा चढ़कर 84,500 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 25,900 के करीब ट्रेड कर रहा था। मार्केट में यह रैली साफ बता रही है कि निवेशक स्थिरता की उम्मीद कर रहे हैं।
NDA हारी तो निफ्टी 7% टूट सकता है
हालांकि, एग्जिट पोल सामने आने से पहले मार्केट में अलग तरह का ट्रेंड देखने को मिल रहा था। ब्रोकरेज फर्म इनक्रेड इक्विटीज ने चेतावनी दी थी कि अगर BJP-JDU वाली NDA सरकार सत्ता में नहीं आती है और नीतीश कुमार या चंद्रबाबू नायडू जैसे क्षेत्रीय दिग्गजों के नेतृत्व में नया गठबंधन बनता है, तो निफ्टी में 5 से 7 प्रतिशत की तत्काल बड़ी गिरावट देखी जा सकती है।
लोकसभा चुनाव में 6% की आई थी गिरावट
दरअसल, 2024 के लोकसभा चुनाव के रिजल्ट के बाद भी शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई थी। निफ्टी 50 इंडेक्स इंट्राडे में 6 प्रतिशत तक नीचे आ गया था। वहीं, बिहार में केवल 3-6 प्रतिशत वोट स्विंग 100 सीटों पर असर डाल सकता है, जिससे NDA को 60 सीटों का नुकसान हो सकता है। शिंदे-नायडू-नीतीश गठबंधन का रास्ता साफ हो जाएगा।
इनक्रेड रिसर्च ने दी चेतावनी
इनक्रेड रिसर्च के प्रत्युष कमल के मुताबिक, 'गठबंधन की अस्पष्टता का मतलब है नीतिगत अनिश्चितता, बजट में ढील और निवेशकों का जोखिम से बचाव है।' विदेशी पूंजी की निकासी, बॉन्ड यील्ड में उछाल और रुपये पर दबाव ये सब अस्थिरता के संकेत थे।
बोनांजा रिसर्च ने कही ये बात
दूसरी तरफ, बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का मानना है कि NDA की जीत को निवेशक पहले ही डिस्काउंट कर चुके हैं। विधानसभा चुनाव से अधिक मार्केट ग्लोबल और डोमैस्टिक इकोनॉमिक ट्रेंड्स पर फोकस कर रहा है।' अभिनव तिवारी ने कहा कि स्थिर सरकार का मतलब है नीतियों में निरंतरता, इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में तेजी और सार्वजनिक खर्च में स्थिरता। यही बाजार को पसंद है। अगर नया गठबंधन भी जल्दी से विश्वसनीय आर्थिक एजेंडा पेश करता है, जिसमें इंफ्रा इन्वेस्टमेंट, मैक्रो स्थिरता और बजट अनुशासन शामिल हो,तो बाजार जल्दी रिकवर कर सकता है।