Stock Market Performance on Budget Day Since 2014: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार, 1 फरवरी को बजट 2026-27 पेश कर दिया। बजट पेश होने के बाद दलाल स्ट्रीट लहूलूहान हो गया। स्पेशल ट्रेडिंग सेशन के दौरान एक समय सेंसेक्स लगभग 2300 अंकों से ज्यादा फिसल गया था, जबकि निफ्टी 50 इंडेक्स (Nifty 50) भी 2% से ज्यादा लुढ़क गया था। बाजार में बजट डे पर इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों को बड़ा झटका दिया। निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की वेल्थ कुछ ही मिनटों में साफ हो गई। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अचानक शेयर मार्केट में इतनी बड़ी गिरावट कैसे आई? इसका जबाव है वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का वह फैसला, जिसमें उन्होंने सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) की बढ़ोतरी का ऐलान किया। वित्तमंत्री के घोषणा के बाद निवेशकों जमकर विकवाली शुरू कर दिए, लिहाजा सेंसेक्स और निफ्टी 50 इंडेक्स क्रैश हो गए।
मोदी के पूरे कार्यकाल में बजट डे पर कैसा रहा शेयर बाजार?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली NDA सरकार के कार्यकाल का यह 15वां बजट था। साल 2014 से लेकर अब तक के सफर को देखें, तो शेयर बाजार और बजट का रिश्ता काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। इन 15 बजट सत्रों में से 8 बार बजट के दिन सेंसेक्स लाल निशान में बंद हुआ है। बता दें कि इस आंकड़ों में 2019 और 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले पेश किए गए दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।
2020 के बजट पर सबसे बेकार रहा सेंसेक्स का प्रदर्शन
पिछले साल यानी 2025 में सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ 77,505.96 अंक पर बंद हुआ था, जबकि 2024 के अंतरिम बजट में यह 1.14 प्रतिशत गिरकर 71,645.30 पर रहा था। वहीं, 2023 में इसमें 0.26 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 59,708.08 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि 2022 में 1.46 प्रतिशत और 2021 में 5 प्रतिशत की शानदार तेजी दर्ज की गई थी।
इसके बाद 2020 में सेंसेक्स 2.42 प्रतिशत या 987.96 अंक लुढ़क गया था। 2019 के पूर्ण बजट में यह 0.58 प्रतिशत चढ़ा, लेकिन उसी साल के अंतरिम बजट में 0.98 प्रतिशत की गिरावट आई थी। 2018 में 0.16 प्रतिशत की गिरावट रही, जबकि 2017 में इसमें 1.75 प्रतिशत की तेजी आई। गौरतलब है कि साल 2017 से ही बजट पेश करने की तारीख 1 फरवरी कर दी गई थी। इससे पहले 2016 में 0.65 प्रतिशत और 2015 में 0.48 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि 2014 में यह 0.28 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ था।