चीन ने दो महीने से रोकी स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर की सप्लाई, जानिए भारत पर क्या होगा इसका असर

भारत को फल और सब्जियों की पैदावार बढ़ाने वाले खास उर्वरकों की सप्लाई चीन ने पिछले दो महीने से अचानक रोक दी है। इस कदम से खेती पर असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत इन स्पेशियलिटी फर्टिलाइजरों का 80% हिस्सा चीन से मंगाता है। जानिए डिटेल्स

Abhay Shankar Pandey
पब्लिश्ड26 Jun 2025, 03:36 PM IST
भारत को फल और सब्जियों की पैदावार बढ़ाने वाले खास उर्वरकों की सप्लाई चीन ने पिछले दो महीने से  रोक दी है।
भारत को फल और सब्जियों की पैदावार बढ़ाने वाले खास उर्वरकों की सप्लाई चीन ने पिछले दो महीने से रोक दी है।(Pexel)

चीन ने पिछले दो महीनों से भारत को स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर (उर्वरक) भेजना पूरी तरह से बंद कर दिया है। ये उर्वरक फलों, सब्जियों और दूसरी मुनाफेदार फसलों की पैदावार बढ़ाने में काम आते हैं। इस बात की पुष्टि कई बड़ी इंपोर्टिंग कंपनियों के टॉप अधिकारियों ने की है। खास बात ये है कि चीन इन उर्वरकों को दुनिया के बाकी देशों में भेजना जारी रखे हुए है।

चीन धीरे-धीरे कम कर रहा था सप्लाई

द इकोनॉमिक्स टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सॉल्यूबल फर्टिलाइजर इंडस्ट्री एसोसिएशन (SFIA) के प्रेसिडेंट राजीब चक्रवर्ती ने बताया, 'पिछले 4-5 सालों से चीन भारत को इन उर्वरकों की सप्लाई धीरे-धीरे कम कर रहा था, लेकिन इस बार उसने पूरी तरह से रोक लगा दी है।'

ध्यान रहे कि भारत अपनी जरूरत के 80% से ज्यादा स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर चीन से ही मंगाता है। हालांकि चीन ने इन उर्वरकों पर कोई सीधी पाबंदी नहीं लगाई है, लेकिन भारत के लिए भेजी जाने वाली खेपों की जांच जानबूझकर नहीं की जा रही है, जिससे एक्सपोर्ट रुक गया है। इससे जुड़ी प्रक्रिया को ही इतना लंबा खींच दिया गया है कि सामान भारत पहुंच ही नहीं पा रहा है।

चीन ने मैग्नेट्स के एक्सपोर्ट पर भी लगाया रोक

जानकारों का कहना है कि चीन हाल के सालों में रेयर अर्थ मैग्नेट्स जैसे जरूरी कच्चे माल के एक्सपोर्ट पर भी रोक लगाता रहा है। ये भी माना जा रहा है कि चीन ये कदम उन देशों के खिलाफ उठा रहा है जिन्होंने उस पर टैक्स या दूसरी पाबंदियां लगाई हैं।

यह भी पढ़ें | NATO देशों की रक्षा योजना से डिफेंस कंपनियों की चांदी! डिफेंस शेयरों में उछाल

भारत ने भी चीन सहित सरहदी देशों से निवेश के लिए सरकार की मंजूरी अनिवार्य कर दी है, जिससे चीन की नाराजगी बढ़ी है। इसके अलावा भारत और चीन के बीच पिछले 5 सालों में सीमा पर तनाव, पाकिस्तान को लेकर चीन की भूमिका जैसे मसले भी रिश्तों में खटास की वजह बने हैं।

भारत आमतौर पर जून से दिसंबर के बीच हर साल करीब 1.5 से 1.6 लाख टन ऐसे फर्टिलाइजर इंपोर्ट करता है।

भारत का फर्टिलाइजर मार्केट

फर्टिलाइजर एसोसिएशन ऑफ इंडिया (FAI) के मुताबिक भारत में माइक्रोन्यूट्रिएंट फर्टिलाइजर का मार्केट 2029 तक 1 अरब डॉलर के पार जा सकता है, और ये सालाना 9.2% की दर से बढ़ेगा। बायो-स्टीमुलेंट्स का बाजार 2029 तक 734 मिलियन डॉलर और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का मार्केट 2032 तक 1.13 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।

यह भी पढ़ें | मस्क से दूर होकर बेजोस के करीब आने लगे ट्रंप, अमेरिका में ये चल क्या रहा है?

ये फर्टिलाइजर खेती की पैदावार बढ़ाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और पोषक तत्वों के बेहतर इस्तेमाल में मदद करते हैं। साथ ही, पारंपरिक उर्वरकों की तुलना में पर्यावरण पर कम असर डालते हैं।

भारत में अभी तक इन फर्टिलाइजरों की खपत कम थी, जिससे इनके लिए घरेलू उत्पादन इकाइयां लगाना फायदेमंद नहीं माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है। अब देश की कई बड़ी कंपनियां इस सेगमेंट में काम कर रही हैं। कई कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने में दिलचस्पी दिखा रही हैं।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होममार्केटचीन ने दो महीने से रोकी स्पेशियलिटी फर्टिलाइजर की सप्लाई, जानिए भारत पर क्या होगा इसका असर
More