US Iran Peace Deal: अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने पर सहमति बन गई है। इस ऐतिहासिक शांति समझौते की खबर आते ही ग्लोबल मार्केट्स में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है। एक तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, वहीं दूसरी तरफ निवेशकों का भरोसा लौटने से क्रिप्टोकरेंसी मार्केट में बहार आ गई है। दुनिया की सबसे फेमस डिजिटल करेंसी बिटकॉइन में दो हफ्तों की सबसे बड़ी तेजी देखी गई है। इस बड़े जियो-पॉलिटिकल बदलाव का असर सीधे तौर पर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ने वाला है।
शांति समझौते के बाद धड़ाम हुए कच्चा तेल के दाम
दोनों देशों के बीच समझौते और समुद्री व्यापार मार्ग से नाकेबंदी हटने के ऐलान के बाद सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतें 4% से ज्यादा टूट गईं। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 3.95% की गिरावट के साथ 83.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 4.68% फिसलकर 80.91 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि तेल की कीमतों में आई यह कमी आने वाले दिनों में महंगाई से राहत दिला सकती है।
क्रिप्टो मार्केट में आया भूचाल
वहीं, दूसरी तरफ डिजिटल एसेट्स मार्केट में भी निवेशकों का जोश देखा जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ सोशल मीडिया पर शांति समझौते की पुष्टि करने के बाद बिटकॉइन शुरुआती एशियाई कारोबार में लगभग 3% उछलकर 65,400 डॉलर के पार पहुंच गया। इसके साथ ही दूसरी सबसे बड़ी टोकन ईथर भी 3.7% की बढ़त के साथ 1,731 डॉलर पर पहुंच गई। इसके अलावा सोलाना और एक्सआरपी (XRP) जैसे छोटे कॉइंस में भी भारी लिवाली देखी जा रही है।
बिटकॉइन के लिए ये है महत्वपूर्ण लेवल
बता दें कि हाल ही में क्रिप्टो मार्केट ने एक बड़ा उतार-चढ़ाव देखा था। बिटकॉइन को लगातार खरीदने वाली सबसे बड़ी कॉर्पोरेट कंपनी माइकल सैलर्स स्ट्रैटेजी की ओर से अपने होल्डिंग्स का एक छोटा हिस्सा बेचने की खबर आई थी। इस खबर के बाद बाजार में घबराहट फैल गई थी और बिटकॉइन अक्टूबर 2024 के बाद के अपने सबसे निचले स्तर यानी 60,000 डॉलर से नीचे चला गया था। हालांकि, मौजूदा शांति समझौते के बाद बाजार इस जोखिम को नजरअंदाज करते हुए आगे बढ़ रहा है। विश्लेषकों के मुताबिक, अब बिटकॉइन के लिए 67,000 डॉलर का स्तर बेहद महत्वपूर्ण होने वाला है।
फेडरल ब्याज दरों पर दुनिया की नजर
ग्लोबल मार्केट में आई इस तेजी के बीच इस हफ्ते होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर सबकी निगाहें हैं। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अगुवाई में होने वाली इस पहली बैठक से बाजार की आगे की दिशा तय होगी। माना जा रहा है कि फेडरल रिजर्व अपनी मौद्रिक नीति को उदार से तटस्थ या सख्त कर सकता है। अगर ब्याज दरों में बढ़ोतरी का कोई भी संकेत मिलता है, तो क्रिप्टो बाजार की इस रफ्तार पर दोबारा ब्रेक लग सकता है।