Stock Market News Updates: पूरे सप्ताह गिरावट के दौर से जूझ रहे भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन भारी निराशाजनक रहा। नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स में भारी बिकवाली का दौर देखा जा रहा है। निवेशकों में मची भगदड़ की वजह से सेंसेक्स 730 अंक तक टूट गया जबकि निफ्टी 50 में भी 222 अंकों तक की गिरावट देखी गई।
सप्ताह के अन्य दिनों की तरह गुरुवार को भी दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। 50 शेयरों पर आधारित सूचकांक निफ्टी 34.25 अंक गिरकर 26,106.50 पर खुला था जबकि 30 शेयरों पर आधारित सेंसेक्स 183.12 अंक गिरकर 84,778.02 पर खुला था। लेकिन दोपहर होते-होते दोनों ही सूचकांकों में गिरावट तेज होती गई और मानो शेयरधारकों में बिक्री की होड़ मच गई।
निफ्टी के सारे सूचकांक लाल निशान में चले गए। यहां तक कि गिरावट के दौर में भी अच्छा कर रहा निफ्टी बैंक भी 0.50% की गिरावट के साथ 60 हजार के नीचे चला गया जो दिन कारोबार के दौरान 60,112.85 अंक छुआ था। लेकिन गिरावट आई तो बैंक निफ्टी औंधें मुंह गिरकर 59,564.80 पर पहुंच गया। इसी तरह, अन्य सेक्टर पर आधारित सूचकांक भी लाल निशान में चले गए।
एनएसई पर गुरुवार को कुल 3,138 शेयरों में कारोबार हुआ। इनमें 2,569 शेयरों के भाव टूट गए जबकि सिर्फ 493 शेयरों में ही मजबूती आई। उधर, सेसेंक्स के कुल 30 में से 25 शेयरों में बिकवाली का दौर देखा गया जबकि सिर्फ 5 शेयरों में खरीदारी हुई। इटरनल, बेल, आईसीआईसीआई, अडानी पोर्ट्स और एचसीएल टेक जैसी कंपनियां हरे निशान में दिखीं, बाकी पूरा चार्ट लाल ही लाल दिखा।
गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में आए जोरदार बिकवाली के इस दौर के पीछे एक नहीं कई कारण हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि अन्य कारणों के साथ-साथ पांच प्रमुख कारण हैं जिनके कारण शेयर बाजार में हाहाकार मच गया। इनमें विदेशी निवेशकों में भारतीय शेयर बाजार से निकलने की होड़ का जारी रहना, रूस पर अमेरिकी प्रतिबंधों में और कड़ाई की आशंका, कमोडिटी प्राइस में वैश्विक स्तर पर आई गिरावट, दुनिया के कई क्षेत्रों में संकट के कारण जियोपॉलिटिक्स में मची उथल-पुथल और वैश्विक शेयर बाजारों में आई गिरावट जैसे कारण प्रधान हैं।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटिजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के फैसले को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है जिस पर फैसला आना है। अगर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप को झटका दिया तो भारतीय शेयर बाजार पर सकारात्मक असर दिखेगा। विजयकुमार के मुताबिक, भारत-अमेरिका ट्रेड डील में देरी के कारण भी निवेशकों में हताशा का भाव है। वहीं, विदेशी निवेशक अब भी पैसा निकालने में जुटे हैं। उन्होंने कहा, 'भले ही भारतीय बाजरा में बड़े शेयरों के मूल्य सामान्य स्तर पर हों, लेकिन दूसरे बाजारों में शेयर सस्ते होने के कारण विदेशी निवेशक भारत में खरीदारी करने को बाध्य नहीं हैं।'
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