Defense Stocks to Buy: अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग को पांच हफ्ते से ज्यादा का समय हो चुका है, लेकिन शांति की कोई किरण नजर नहीं आ रही है। जब भी दुनिया के किसी कोने में जंग होती है, उसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है। इस समय भी कुछ ऐसा ही हो रहा है। जंग के इस दौर में जहां कई सेक्टर लाल हो गए हैं वहीं डिफेंस थीम अपनी रफ्तार बनाए हुए हैं। इन शेयरों में जबरदस्त तेजी की उम्मीद जताई जा रही है। आइए समझते हैं कि वैश्विक युद्ध के इस माहौल में भारतीय डिफेंस कंपनियों के लिए क्या संभावनाएं हैं और एक्सपर्ट्स किन शेयरों पर दांव लगाने की सलाह दे रहे हैं।
रडार पर कौन से शेयर?
जब युद्ध का माहौल हो, तो उन कंपनियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलता है जो ड्रोन, मिसाइल और एयरोस्पेस उपकरण बनाती हैं।
HAL (हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड)
HAL इस सेक्टर की सबसे मजबूत खिलाड़ी मानी जा रही है। कंपनी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.7% बढ़ा है, जबकि मुनाफे (PAT) में 29.6% की शानदार ग्रोथ देखी गई है। इनके पास ऑर्डर्स की कोई कमी नहीं है।
BEL (भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड)
रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर में BEL का कोई मुकाबला नहीं है। इसका रेवेन्यू 23.7% और मुनाफा 20.8% की दर से बढ़ा है। ये एक सुरक्षित निवेश बन सकता है।
संदीप पांडे के अनुसार, निवेशक GRSE (गार्डन रीच शिपबिल्डर्स), डेटा पैटर्न (Data Pattern), जेन टेक्नोलॉजीज (Zen Technologies) और MTAR टेक्नोलॉजीज पर भी नजर रख सकते हैं। ये कंपनियां ड्रोन और आधुनिक रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही हैं।इसके अलावा विशेषज्ञों ने BDL (भारत डायनेमिक्स लिमिटेड) को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी है। इसी तरह, नौसेना क्षेत्र में रुचि रखने वाले निवेशक मझगांव डॉक (Mazagon Dock) पर विचार कर सकते हैं, लेकिन यहां लंबे वक्त तक निवेश करना पड़ेगा।
नोट- डिफेंस सेक्टर में 'बज' (Buzz) बहुत ज्यादा है, लेकिन किसी भी शेयर में पैसा लगाने से पहले अपनी रिसर्च जरूर करें या किसी सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार से बात करें। युद्ध की खबरें बाजार में डर भी लाती हैं और अवसर भी, फैसला आपकी समझदारी पर निर्भर करता है।
कितना मजबूत है अभी भारतीय डिफेंस सेक्टर
SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, भारत ने हाल ही में जर्मनी, फ्रांस, यूरोपीय संघ (EU) और इजरायल के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। भारत की योजना बोइंग से 22 अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर और 15 चिनूक हेवी-लिफ्ट हेलीकॉप्टर खरीदने की है। इसके साथ ही फ्रांस के साथ 26 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा भी पाइपलाइन में है। ये सौदे न केवल देश की रक्षा क्षमताओं को बढ़ाते हैं, बल्कि घरेलू कंपनियों के लिए 'स्वदेशी उत्पादन' और 'एक्सपोर्ट' के नए रास्ते भी खोलते हैं। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए रक्षा बजट में 15.20% की बढ़ोतरी कर इसे 7.85 लाख करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य रखा है, जो सीधे तौर पर इस सेक्टर की कंपनियों की बैलेंस शीट को मजबूत करेगा।