High Dividend Stocks: देश के टॉप 10 डिविडेंड स्टॉक निवेशकों को निराश कर रहे हैं। ये स्टॉक न केवल सेंसेक्स और निफ्टी बेंचमार्क रिटर्न से पीछे हैं, बल्कि अपने सेक्टर के एवरेज से भी कमजोर साबित हो रहे हैं। पिछले एक साल में इनमें से आधे शेयर डबल डिजिट की गिरावट दर्ज किए हैं। सबसे बड़ी गिरावट 28 प्रतिशत की दर्ज की गई है।
MSTC और कोल इंडिया डिविडेंड आगे, लेकिन शेयरों में गिरावट
सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों में डिविडेंड यील्ड के मामले में MSTC 7.5 प्रतिशत के साथ सबसे ऊपर है। ई-कॉमर्स सर्विस प्रोवाइड कराने वाली यह मिनीरत्न कंपनी पिछले 12 महीनों में 17 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की है। वहीं, कोल इंडिया का डिविडेंड यील्ड 6.8 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर है। यह पिछले एक साल के दौरान 14 प्रतिशत नीचे आ गया है।
REC, PFC और GNFC का ऐसा है हाल
इसके बाद पावर सेक्टर की REC लिमिटेड का डिविडेंड यील्ड 4.8 प्रतिशत है। लेकिन इसके शेयर पिछले एक साल में सबसे अधिक गिरावट दर्ज किए हैं। यह 28 प्रतिशत गिर चुका है। वहीं, पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (PFC) के शेयर पिछले एक साल के दौरान 14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज किए हैं। इसका डिविडेंड यील्ड 3.9 प्रतिशत है। इसके बाद गुजरात नर्मदा वैली फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स (GNFC) 19 फीसदी की गिरावट के साथ 3.6 फीसदी यील्ड दे रहा है।
ONGC और गेल इंडिया भी गिरावट
बता दें कि SBI सिक्योरिटीज ने 31 अक्टूबर 2025 के बंद भाव पर डिविडेंड यील्ड की कैलकुलेशन की है। ब्रोकरेज ने उन कंपनियों को चुना है, जो लगातार पिछले तीन साल से अपने निवेशकों को डिविडेंड बांट रही हैं। इस लिस्ट में सरकारी तेल कंपनी ONGC का डिविडेंड यील्ड 4.8 प्रतिशत है, जबकि इसके शेयरों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, गेल इंडिया का डिविडेंड यील्ड 4.1 प्रतिशत है, जबकि इसके शेयर पिछले एक साल में 8 प्रतिशत नीचे आए हैं।
पॉजिटिव जोन में रहे ये दो स्टॉक
गौरतलब है कि नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी और इंट्रप्रस्थ गैस लिमिटेड ही अपने पॉजिटिव जोन रहे हैं। नेशनल एल्यूमिनियम कंपनी का डिविडेंड यील्ड 4.5 प्रतिशत है, जबकि इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड का डिविडेंड यील्ड 3.3 प्रतिशत है। ये दोनों स्टॉक पिछले एक साल में 2 प्रतिशत की बढ़त हासिल किए हैं। वहीं, NMDC के शेयर फ्लैट बंद हुए।