कोलकाता: इमामी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में 15 प्रतिशत घटकर 139 करोड़ रुपये रह गया। हालांकि इस दौरान कंपनी की बिक्री और आय में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, लेकिन कच्चे माल की बढ़ती कीमतों ने मुनाफे पर असर डाला।
मंगलवार को हुई निदेशक मंडल की बैठक के बाद कंपनी ने अपने वित्तीय नतीजों की जानकारी दी। अप्रैल-जून तिमाही में परिचालन से मिलने वाला राजस्व 15 प्रतिशत बढ़कर 1,039 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कुल बिक्री भी 15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,030 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।
कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में उसका परिचालन लाभ (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) छह प्रतिशत बढ़कर 226 करोड़ रुपये रहा। वहीं कर चुकाने से पहले का लाभ (प्रॉफिट बिफोर टैक्स) भी चार प्रतिशत बढ़कर 196 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इसके बावजूद शुद्ध लाभ कम रहा, क्योंकि कच्चे माल की लागत पिछले साल की तुलना में करीब 29 प्रतिशत बढ़ गई।
इमामी के मुताबिक, इस तिमाही में मौसम का असर भी कारोबार पर देखने को मिला। दक्षिण और पश्चिम भारत में तेज गर्मी रही, जबकि उत्तर और पूर्वी हिस्सों में तापमान सामान्य रहा। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, महंगाई और पश्चिम एशिया में जारी तनाव की वजह से कच्चे माल की लागत बढ़ी। इन चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपने कारोबार में अच्छी वृद्धि दर्ज की।
अगर अलग-अलग कारोबार की बात करें तो सबसे बेहतर प्रदर्शन बालों और सिर की देखभाल वाले उत्पादों का रहा। इस श्रेणी से कंपनी की आय 11 प्रतिशत बढ़कर 271 करोड़ रुपये हो गई। वहीं स्किन केयर उत्पादों की बिक्री तीन प्रतिशत बढ़कर 246 करोड़ रुपये और हेल्थकेयर उत्पादों की बिक्री दो प्रतिशत बढ़कर 232 करोड़ रुपये रही।
हालांकि कंपनी के अंतरराष्ट्रीय कारोबार में गिरावट दर्ज की गई। विदेशों से होने वाली आय 12 प्रतिशत घटकर 122 करोड़ रुपये रह गई।
इमामी के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हर्षवर्धन अग्रवाल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर कई चुनौतियां बनी हुई हैं। भू-राजनीतिक तनाव, बढ़ती महंगाई और अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति का कारोबार पर असर पड़ा। इसके बावजूद कंपनी का घरेलू कारोबार 20 प्रतिशत बढ़ा, जिससे कुल राजस्व में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि यह कंपनी के मजबूत ब्रांड और बेहतर कारोबारी रणनीति का परिणाम है।