FPI Inflow February 2026: शेयर बाजार के लिए फरवरी का महीना एक उम्मीद लेकर आया है। पिछले तीन महीनों से लगातार बिकवाली कर रहे विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने अपना रुख बदला है। भारतीय शेयर बाजार से अब तक जो विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे थे, वे फरवरी में अचानक नेट बायर्स बन गए हैं। इस बदलाव के पीछे का सबसे बड़ा कारण भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते को माना जा रहा है।
लगातार 3 महीने की बिकवाली के बाद लौटे निवेशक
पिछले साल के अंत से ही शेयर बाजार में विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे थे। आंकड़ों पर नजर डालें तो नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और जनवरी में रिकॉर्ड 35,962 करोड़ रुपये की भारी निकासी हुई थी। इस बिकवाली ने मार्केट सेंटिमेंट को काफी कमजोर कर दिया था। हालांकि, फरवरी की शुरुआत के साथ ही विदेशी निवेशकों का मूड बदला है। NSDL के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने अब तक 8,129 करोड़ रुपये की बंपर खरीदारी की है।
इस वजह से लौटे विदेशी निवेशक
दरअसल, शुक्रवार को भारत और अमेरिका के बीच हुआ अंतरिम व्यापार समझौता शेयर बाजार के लिए संजीवनी साबित हुआ है। इस फ्रेमवर्क के तहत ये देश टैरिफ कम करने, ऊर्जा रिश्तों को नया स्वरूप देने और ग्लोबल सप्लाई चेन में अपनी भूमिका को और महत्वपूर्ण पर बनाने पर सहमति जताए हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस समझौते ने भारतीय एक्सपोर्ट की अनिश्चतता को लेकर बनी चिंता को खत्म कर दिया है। इससे भारतीय सामान अब एशियाई प्रतिद्वंद्वी देशों के मुकाबले ग्लोबल मार्केट में अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। यही वजह है कि विदेशी निवेशक फिर से भारतीय बाजार में लौट रहे हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप में आया जोरदार उछाल
फॉरेन इन्वेस्टर्स बड़े शेयरों के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप पर भी एक्टिव हुए हैं। पिछले सप्ताह निफ्टी 50 इंडेक्स और सेंसेक्स क्रमश: 3.50% और 3.60% की बढ़त के साथ बंद हुए। इसी दौरान मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने फरवरी में 4% की बढ़त हासिल की। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट में STT बढ़ाने से शुरुआती झटका लगा, लेकिन कैपेक्स बढ़ाने और फिस्कल डेफिसिट को कम रखने की बात ने निवेशकों को राहत दी है।