FPI Outflow: नवंबर में FPI ने निकाले 12,500 करोड़ रुपये, क्या AI की वजह से घट रही है विदेशी पूंजी की चमक?

FPI Outflow: नवंबर में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 12,500 करोड़ रुपये से ज्यादा निकाले हैं। कमजोर ग्लोबल सिग्नल और एआई-ड्रिवन मार्केट्स की ओर बढ़ते रुझान की वजह से भारत में बिकवाली का दौर जारी है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले हफ्ते अहम रहेंगे।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड9 Nov 2025, 01:27 PM IST
नवंबर में एफपीआई ने निकाले 12,500 करोड़ रुपये
नवंबर में एफपीआई ने निकाले 12,500 करोड़ रुपये

FPI Outflow: अक्टूबर में थोड़ी राहत के बाद नवंबर में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने दोबारा बिकवाली शुरू कर दी है। आंकड़ों के मुताबिक, अब तक नवंबर में एफपीआई ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 12,569 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है।

फिर पलटे हालात

डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में एफपीआई ने शेयरों में 14,610 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था, जो लगातार कई महीनों की निकासी के बाद आया था। इससे पहले सितंबर में एफपीआई ने 23,885 करोड़ रुपये, अगस्त में 34,990 करोड़ रुपये और जुलाई में 17,700 करोड़ रुपये की निकासी की थी।

कमजोर ग्लोबल सिग्नल और रिस्क-फ्री मूड

जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी.के. विजयकुमार के मुताबिक, नवंबर के हर कारोबारी दिन में बिकवाली जारी रहना इस साल भारत के कमजोर प्रदर्शन की एक बड़ी वजह रही है। उन्होंने कहा, “2025 में एफपीआई निवेशों का पैटर्न बहुत अलग रहा है, जहां हेज फंड भारत में बेच रहे हैं, वहीं अमेरिका, चीन, ताइवान और साउथ कोरिया जैसे एआई-ड्रिवन मार्केट्स में खरीदारी कर रहे हैं।”

AI की रेस में भारत फिलहाल ‘अंडरपरफॉर्मर’

विजयकुमार का मानना है कि फिलहाल भारत को AI आधारित कमजोर परफॉर्मर की कैटेगरी में देखा जा रहा है, यही वजह है कि विदेशी निवेशक भारत में सतर्क हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ग्लोबल टेक शेयरों में बबल का खतरा भारत में बिकवाली की रफ्तार को सीमित कर सकता है।

कंपनी रिजल्ट्स बेहतर लेकिन विदेशी अब भी सावधान

एंजल वन के वरिष्ठ विश्लेषक वकार जावेद खान ने कहा कि, “नवंबर के पहले हफ्ते में एफपीआई ने करीब 12,569 करोड़ के शेयर बेचे हैं। टेक सेक्टर में ग्लोबल प्रेशर और कमजोर विदेशी संकेतों की वजह से निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है।”

हालांकि, भारतीय कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं, खासकर मिडकैप सेक्टर में।

कुल मिलाकर 2025 में 1.5 लाख करोड़ की निकासी

2025 की शुरुआत से अब तक एफपीआई 1.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम भारतीय बाजार से निकाल चुके हैं। इस दौरान उन्होंने बॉन्ड मार्केट में भी 1,758 करोड़ रुपये की निकासी की, जबकि 1,416 करोड़ रुपये का निवेश स्वैच्छिक प्रतिधारण मार्ग (VRR) के जरिए किया।

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