GIC Share Price: सरकारी बीमा कंपनी 'जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया' (GIC Re) के शेयर मंगलवार को 6 फीसदी से ज्यादा गिर गए। यह गिरावट तब आई जब सरकार ने कंपनी में अपनी 5 फीसदी तक की हिस्सेदारी डिस्काउंट पर बेचने के लिए 'ऑफ़र फ़ॉर सेल' (OFS) लॉन्च किया। NSE पर शेयर 6.54 फीसदी गिरकर 363.45 रुपये प्रति शेयर के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। यह 4.14 फीसदी से नीचे खुला और इसने लगातार दो दिनों की बढ़त का सिलसिला गंवा दिया।
इस ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत शेयर 352 रुपये के बेस प्राइस पर मिल रहे हैं, जो मौजूदा बाजार भाव से काफी कम है। यही कारण है कि मंगलवार को बाजार खुलते ही निवेशकों ने जमकर बिकवाली शुरू कर दी और शेयर में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
6% से ज्यादा की गिरावट
सरकार ने वैसे तो कंपनी के शेयरों को 10 फीसदी डिस्काउंट पर बिक्री के लिए पेश किया था और यह बाजार मूल्य 387 रुपये से करीब 35 रुपये कम कीमत पर उतारा गया। मंगलवार को जब जीआईसी के शेयरों में ट्रेडिंग शुरू हुई तो निवेशकों के लिए इसकी कीमत 352 रुपये रखी गई। हालांकि, सरकारी हिस्सेदारी बेचने का असर निवेशकों के सेंटिमेंट पर भी दिखा और कुछ ही समय में इसमें गिरावट दिखने लगी। दोपहर 12 बजे तक कंपनी के स्टॉक्स 6.37 फीसदी गिरकर 362.60 रुपये के भाव पर आ गए।
कल से रिटेल निवेशकों को मिलेगा मौका
सरकार ने दो दिन की बिक्री पेशकश (ओएफएस) के जरिए मंगलवार को संस्थागत निवेशकों के लिए ट्रेडिंग शुरू की है। वहीं रिटेल निवेशकों के लिए बुधवार को खुलेगी। सरकार इस बिक्री के जरिए 352 प्रति शेयर की न्यूनतम कीमत पर 8.77 करोड़ से ज्यादा शेयरों को बेच रही है। इस बिक्री से सरकारी खजाने को करीब 3,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। हालांकि, बुधवार को रिटेल निवेशकों को जब तक इसमें पैसे लगाने का मौका मिलेगा, तब तक कंपनी के स्टॉक्स में और भी गिरावट देखी जा सकती है।
एक साल में कैसा रहा शेयर का हाल
बीते एक साल में इस सरकारी शेयर ने निवेशकों को काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। 9 मार्च 2026 को शेयर 351 रुपये के भाव पर था, जिसे उस वक्त का एक साल का रिकॉर्ड उच्च स्तर माना गया था। हालांकि, इसके ठीक एक महीने बाद ही शेयर ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी। 16 अप्रैल 2026 को इसमें 19.09 फीसदी का जोरदार उछाल देखने को मिला। यह 418 रुपये के एक नए शिखर पर पहुंच गया।
इस कंपनी के कॉरपोरेट इतिहास पर नजर डालें तो यह अपने शेयरधारकों को एक बार बोनस भी दे चुकी है। 12 जुलाई 2018 की एक्स-डेट के साथ कंपनी ने अपने निवेशकों को 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर बांटे थे, यानी हर एक शेयर पर एक शेयर फ्री दिया गया था।
सरकार ने जुटाए 13,389 करोड़ रुपये
यह मौजूदा फाइनेंशियल ईयर में सरकार द्वारा किसी पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग (PSU) में हिस्सेदारी बेचने का पांचवां मामला है। अब तक, केंद्र सरकार ने PSU में हिस्सेदारी बेचकर लगभग 13,389 करोड़ रुपये जुटाए हैं। इसमें कोल इंडिया से 5,542 करोड़ रुपये, NHPC से 4,357 करोड़ रुपये, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया से 2,266 करोड़ रुपये और NLC इंडिया से 1,223 करोड़ रुपये शामिल हैं।
सरकार का लक्ष्य फाइनेंशियल ईयर 2027 में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन से 80,000 करोड़ रुपये जुटाना है। साथ ही, लगातार हिस्सेदारी बेचने और रणनीतिक मोनेटाइजेशन पहलों के जरिए बजट में तय अनुमान से ज्यादा कमाई करने का भी लक्ष्य रखा गया है।