Gold rate crash: शुक्रवार को बाजार में सबसे बड़ा झटका कीमती धातुओं से आया। ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली और मजबूत डॉलर के चलते MCX पर सोने की कीमतों में करीब 6% की तेज गिरावट दर्ज की गई। सोने के साथ-साथ चांदी और अन्य धातुओं में आई कमजोरी ने पूरे मेटल सेक्टर की धारणा बिगाड़ दी, जिसका सीधा असर मेटल शेयरों पर देखने को मिला।
MCX पर सोना और चांदी दोनों क्रैश
शुक्रवार सुबह कारोबार में MCX गोल्ड फरवरी फ्यूचर्स ₹10,000 से ज्यादा टूटकर ₹1,59,250 प्रति 10 ग्राम तक आ गया। मजबूत डॉलर इंडेक्स और रिकॉर्ड स्तरों के बाद मुनाफावसूली इसकी बड़ी वजह रही।
वहीं MCX सिल्वर मार्च फ्यूचर्स भी करीब 6% गिरकर ₹3,75,900 प्रति किलो पर पहुंच गया। एक सत्र पहले ही चांदी ₹4,20,048 प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर थी। यानी अब यह अपने उच्चतम स्तर से करीब 10% नीचे आ चुकी है।
कॉपर की कीमतों में भी दबाव दिखा और MCX कॉपर करीब 4% टूटकर ₹1,355.05 के स्तर तक फिसल गया।
मेटल शेयरों में हड़कंप
सोना-चांदी में आई इस तेज गिरावट का असर शेयर बाजार में मेटल सेक्टर पर साफ दिखा। Hindustan Copper सबसे ज्यादा टूटा और यह 10.5% गिरकर ₹679.20 के इंट्राडे लो पर पहुंच गया। NALCO में 9.4%, Hindustan Zinc में 7.3% और Vedanta में 6.6% तक की गिरावट दर्ज की गई। इस बिकवाली के चलते निफ्टी मेटल इंडेक्स 4% से ज्यादा टूट गया, जिससे यह NSE पर सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाला सेक्टर बन गया।
Swiggy के शेयर भी टूटे
मेटल सेक्टर के अलावा Swiggy के शेयरों में भी जोरदार गिरावट देखने को मिली। कंपनी के तिमाही नतीजों के बाद स्विगी का शेयर 7% से ज्यादा टूटकर ₹302.25 तक आ गया। दिसंबर 2025 तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट लॉस बढ़कर ₹1,065 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹799 करोड़ था। हालांकि, कंपनी की रेवेन्यू 54% बढ़कर ₹6,148 करोड़ रही, लेकिन बढ़ते घाटे ने निवेशकों को निराश किया।
मजबूत नतीजों के बावजूद दबाव में Vedanta के शेयर्स
दिलचस्प बात यह रही कि Vedanta ने हाल ही में दमदार तिमाही नतीजे पेश किए थे। Q3FY26 में कंपनी का नेट प्रॉफिट 60% बढ़कर ₹7,807 करोड़ हो गया, जबकि रेवेन्यू 19% की बढ़त के साथ ₹45,899 करोड़ रहा। इसके बावजूद, कमजोर कमोडिटी सेंटिमेंट के चलते शेयर दबाव से नहीं बच सका।