सोने-चांदी ने चौंकाया बाजार! पहले रिकॉर्ड तेजी, अब तेज गिरावट; निवेशकों को क्या करना चाहिए?

पिछले हफ्ते सोने और चांदी के बाजार में ऐसा उतार-चढ़ाव देखने को मिला कि निवेशक चौंक गए। शुक्रवार को सोने और चांदी से जुड़े ETF में एक ही दिन में 23 पर्सेंट तक की गिरावट दर्ज की गई।

Ashutosh Kumar
पब्लिश्ड30 Jan 2026, 09:44 PM IST
सोने-चांदी का भाव
सोने-चांदी का भाव(AFP)

पिछले हफ्ते सोने और चांदी के बाजार में ऐसा उतार-चढ़ाव देखने को मिला कि निवेशक चौंक गए। शुक्रवार को सोने और चांदी से जुड़े ETF में एक ही दिन में 23 पर्सेंट तक की गिरावट दर्ज की गई। इसकी बड़ी वजह यह रही कि रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों ने जमकर मुनाफावसूली की। दरअसल, जनवरी का महीना दोनों धातुओं के लिए ऐतिहासिक रहा था। चांदी में 56 पर्सेंट की जबरदस्त तेजी आई। जबकि सोना डॉलर के लिहाज से 20 पर्सेंट से ज्यादा चढ़ गया। हालांकि, जैसे ही अमेरिका से फेडरल रिजर्व को लेकर अनिश्चितता बढ़ी और डॉलर मजबूत हुआ, बाजार का मूड पलट गया।

170 डॉलर तक जा सकती है चांदी

जनवरी में चांदी ने 120 डॉलर प्रति औंस का ऑलटाइम हाई छू लिया, जिसके बाद इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गईं। कई एक्सपर्ट्स चांदी को “गोल्ड ऑन स्टेरॉइड्स” तक कहने लगे। सिटीग्रुप ने चांदी के लिए 150 डॉलर प्रति औंस का नया लक्ष्य रखा है। जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि हालात अनुकूल रहे तो कीमत 170 डॉलर तक भी जा सकती है।

चांदी में 50% तक गिरावट संभव

दूसरी ओर हर कोई इतना उत्साहित नहीं है। जेपी मॉर्गन के पूर्व रणनीतिकार मार्को कोलानोविक ने चेतावनी दी है कि चांदी में आई यह तेजी जरूरत से ज्यादा तेज है। अगर सट्टेबाजी कमजोर पड़ी तो कीमतों में 50 पर्सेंट तक की गिरावट भी संभव है। यानी चांदी में मौका भी है और जोखिम भी।

सोना अब भी भरोसे का साथी

जहां चांदी में उतार-चढ़ाव ज्यादा दिख रहा है, वहीं सोना अब भी सुरक्षित निवेश की पहचान बनाए हुए है। UBS ने 2026 के लिए सोने की कीमत 6,200 डॉलर प्रति औंस तक जाने का अनुमान लगाया है। डॉयचे बैंक और सोसाइटी जेनरल भी मानते हैं कि सोना 6,000 डॉलर के स्तर को छू सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही बीच-बीच में गिरावट आए, लेकिन लंबे समय में सोने की मांग मजबूत बनी रहेगी।

निवेशकों के लिए क्या है सीख

बाजार के जानकार मानते हैं कि अब सोना-चांदी दोनों में उतार-चढ़ाव नई सामान्य स्थिति बन चुकी है। निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और जोखिम को समझकर निवेश करना चाहिए। ईटी में छपी एक खबर के अनुसार, चांदी में तेजी आकर्षक जरूर है, लेकिन इसमें गिरावट का खतरा भी ज्यादा रहता है। वहीं, सोना लंबे समय में अब भी भरोसेमंद विकल्प माना जा रहा है। कुल मिलाकर, 2026 में कीमती धातुओं का बाजार रोमांच से भरा रहने वाला है, जहां समझदारी से लिया गया फैसला ही मुनाफा दिला सकता है।

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