Gold vs Equity Ratio: सोने की कीमतों में तेज उछाल ने इस समय निवेशकों के सामने एक दिलचस्प सवाल खड़ा कर दिया है। क्या गोल्ड की तेजी के बाद इक्विटी में भी वापसी का मौका बन रहा है? निफ्टी 50-गोल्ड रेश्यो इस समय करीब 1.51 है। 28 अगस्त को निफ्टी 50 का स्तर 24,188.30 रहा, जबकि MCX गोल्ड ₹1,59,741 प्रति 10 ग्राम या ₹15,974 प्रति ग्राम पर था। दोनों का रेश्यो 1.51 निकलता है। रेश्यो में कमजोरी की बड़ी वजह निफ्टी में भारी गिरावट से ज्यादा गोल्ड की तेजी है। अगस्त में MCX गोल्ड लगभग 13.50% या ₹19,212 प्रति 10 ग्राम चढ़ चुका है। पिछले 10 दिनों में ही सोने ने 4.6% या ₹7,100 प्रति 10 ग्राम की बढ़त दर्ज की है। यानी, इस समय रेश्यो पर गोल्ड की तेज रफ्तार का असर साफ दिखाई दे रहा है।
महंगाई और फेड पॉलिसी का असर
सोने की तेजी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी महंगाई और फेड की ब्याज दर नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल फंड्स रेट फिलहाल 3.50%-3.75% के दायरे में है और 29 जुलाई की बैठक में फेड ने लगातार पांचवीं बैठक में दरों को स्थिर रखा था।
जियो-पॉलिटिकल तनाव
जुलाई में हेडलाइन PCE महंगाई 3.7% सालाना और कोर PCE 3.3% सालाना रही। यानी, महंगाई अभी भी फेड के 2% लक्ष्य से काफी ऊपर है। मीडिल ईस्ट तनाव से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंका ने बाजार की चिंता और बढ़ाई है। ऐसे माहौल में गोल्ड को महंगाई और जियो-पॉलिटिकल रिस्क के खिलाफ हेज के रूप में सपोर्ट मिल रहा है, जबकि ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए चुनौती भी हैं।
मास्टर कैपिटल सर्विस के चीफ रिसर्च ऑफिसर रवि सिंह के मुताबिक, हाई कोर PCE महंगाई के कारण फेड पॉलिसी को लेकर सावधानी बनी हुई है। साथ ही अमेरिका का बढ़ता कर्ज और बॉन्ड मार्केट की अनिश्चितता गोल्ड को फिस्कल और करेंसी रिस्क के हेज के रूप में समर्थन दे रही है।
निफ्टी के लिए 24,060 का लेवल क्यों अहम?
गोल्ड की तेजी के बीच निफ्टी में भी अब टेक्निकल लेवल्स महत्वपूर्ण हो गए हैं। जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट आनंद जेम्स के मुताबिक, 24,060 का जोन इमीडिएट सपोर्ट की तरह काम कर सकता है। अगर यह लेवल गिरावट को रोकता है तो निचले स्तरों पर खरीदारी लौट सकती है और निफ्टी में बेस बनने की संभावना है। हालांकि, तेजी की पुष्टि के लिए केवल 24,060 का बचना काफी नहीं होगा। निफ्टी को पहले 24,150 और उसके बाद 24,215 के ऊपर मजबूती दिखानी होगी। इन लेवल्स के ऊपर टिकने पर मार्केट में पॉजिटिव मोमेंटम मजबूत हो सकता है।
दूसरी तरफ, अगर निफ्टी 24,060 के ऊपर टिकने में विफल रहता है, तो अगला महत्वपूर्ण डाउनसाइड लेवल 23,575 के आसपास है। हालांकि मौजूदा टेक्निकल संकेतों में तेज या वर्टिकल गिरावट का मजबूत मोमेंटम नहीं दिख रहा है।