
Hindustan Zinc Share Price: शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी जा रही है। दुनिया के सबसे बड़ी इंटीग्रेटेड जिंक प्रोड्यूसर में से एक हिंदुस्तान जिंक ने आज लगातार चौथे ट्रेडिंग सेशन के लिए तेजी बरकार रखी। शुक्रवार को इसके शेयर 6 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ 553.45 के 52 वीक हाई लेवल पर पहुंच गए। पिछले चार कारोबारी सत्रों के दौरान इसने 13 प्रतिशत से ज्यादा की जोरदार बढ़त हासिल की है। आइए जानते हैं कि बाजार में अस्थिरता के बीच इसके शेयरों पर बायर्स क्यों एक्टिव हैं।
दरअसल, ग्लोबल मार्केट में सिल्वर की कीमतों में रिकॉर्ड तोड़ उछाल की वजह से हिंदुस्तान जिंक के शेयरों को सपोर्ट मिल रहा है। पिछले सत्र में इंटरनेशनल मार्केट में स्पॉट सिल्वर ने 64.31 डॉलर प्रति औंस का नया रिकॉर्ड हाई लेवल छुआ। इस साल चांदी की कीमतों ने रिटर्न के मामले में सभी को पीछे छोड़ते हुए 121 प्रतिशत का भारी रिटर्न दिया है।
डोमैस्टिक मार्केट में भी चांदी जोरदार तेजी दिखाई है। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर इसने 1,99,220 रुपये प्रति किलोग्राम ऑलटाइम हाई लेवल को छुआ, जो साल-दर-साल 127 प्रतिशत मुनाफा को दिखाता है। अकेले दिसंबर में चांदी ने 16% की बढ़ोतरी की है।
चांदी की कीमतों में उछाल का सबसे अहम कारण ग्रीन एनर्जी से जुड़े सेक्टरों में चांदी की मजबूत इंडस्ट्रीयल डिमांड है। सोलर पैनलों और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जैसे एनर्जी सोर्स में चांदी का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसके साथ ही चांदी के गोदामों में माल इन्वेंट्री लगातार कम हो रही है, जिससे सप्लाई पर दबाव बन रहा है और कीमतें बढ़ रही हैं।
इसके अलावा, चांदी को हाल ही में अमेरिकी क्रिटिकल मिनरल्स की लिस्ट में जोड़ा गया है, जिसने इसके रणनीतिक महत्व बढ़ गया है। वहीं, निवेशक अब फिजिकल सिल्वर और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) दोनों के जरिए चांदी में अपना निवेश लगातार बढ़ा रहे हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की तरफ से ब्याज दर में 25 आधार अंकों की कटौती के बाद अमेरिकी डॉलर आठ सप्ताह के निचले स्तर पर आ गया है।
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